जबलपुर में अपराधी ने पुलिसकर्मी पर किया फायर, अफसरों ने घंटों तक रखी घटना गुप्त

शहर के बीचोंबीच स्थित बलदेव बाग पेट्रोल पंप पर सोमवार को एक ऐसी सनसनीखेज घटना घटी। इसने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली को भी कठघरे में खड़ा कर दिया। एक निगरानीशुदा बदमाश ने खुलेआम एक पुलिसकर्मी पर हवाई फायर किया। चौंकाने वाली बात यह रही कि न तो कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी थी और न ही जिम्मेदार अधिकारी कैमरे के सामने आने को तैयार थे।

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पेट्रोल पंप पर फायरिंग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना उस वक्त हुई जब यातायात विभाग का एक पुलिसकर्मी पेट्रोल पंप के पास ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात था। बिना नंबर की बाइक पर आया एक युवक, जो बाद में गुल्लू सोनी के नाम से पहचाना गया, बहस के बाद कुछ दूर जाकर दहशत फैलाने की नीयत से पुलिसकर्मी की दिशा में हवाई फायर कर गया। सौभाग्यवश गोली किसी को नहीं लगी, लेकिन यह घटना शहर में खुलेआम पुलिस पर हमले की पहली बड़ी वारदात बन गई।

307 के फरार आरोपी ने किया फायर

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी गुल्लू सोनी गढ़ा क्षेत्र का निवासी है, जो पहले से ही गंभीर धाराओं में फरार चल रहा था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से फायरिंग में प्रयुक्त हथियार और मोटरसाइकिल जब्त कर ली गई है। यह गिरफ्तारी भले ही राहत देने वाली हो, लेकिन इसके पीछे की लापरवाही ने पुलिस महकमे की साख को बड़ा झटका दिया है।

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मोबाइल बंद, जानकारी गायब

घटना के बाद शहर भर की मीडिया टीमें मौके से लेकर थानों तक जानकारी जुटाने में लगी रहीं। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एडिशनल एसपी से लेकर थाना प्रभारी तक किसी का भी मोबाइल नहीं लग रहा था। कोई कॉल रिसीव नहीं कर रहा था, न ही कोई अधिकारी सामने आ रहा था। घंटों बाद नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) रितेश कुमार शिव ने घटना की पुष्टि की, लेकिन पुलिसकर्मी के नाम तक की जानकारी नहीं दे सके।

थाना प्रभारी का शर्मनाक जवाब

घटना स्थल जिस थाना क्षेत्र में आता है, वहां के थाना प्रभारी नवल आर्य ने तीन घंटे बाद प्रतिक्रिया दी और केवल इतना कहा, मैं आपसे क्षमा चाहता हूं, मुझे कार्रवाई करने दीजिए। यह बयान तब आया जब मीडिया शहर की सड़कों पर घटना की सच्चाई ढूंढ़ रही थी। यह बात साफ हो गई कि थानेदार अपराध नियंत्रण में भले ही फेल हों, लेकिन मीडिया से पीछा छुड़ाने में जरूर निपुण हैं।

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देर शाम खुला पुलिसकर्मी का नाम

घटना के चार घंटे बाद आखिरकार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि जिस पुलिसकर्मी पर फायरिंग की गई, वह अनिल कौशिक हैं। ये यातायात थाना मालवीय चौक में पदस्थ हैं। एएसपी सूर्यकांत शर्मा लगातार मीडिया को जबलपुर के मामलों की पुख्ता जानकारी देते रहते हैं। इस कारण उन्होंने मीडिया को दरकिनार न करते हुए जानकारी दे दी। लेकिन जबलपुर शहर की पूरी पुलिस पर इस मामले को छुपाने के आरोप खड़े हो गए हैं।

क्यों घंटों छिपाई गई गोली चलने की घटना

इस पूरे घटनाक्रम ने जबलपुर पुलिस की पारदर्शिता और तत्परता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। जब एक पुलिसकर्मी पर खुलेआम गोली चलाई जाती है। यह खबर घंटों तक कंट्रोल रूम तक नहीं पहुंचती, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा लगाना कठिन नहीं है।

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