52 शक्ति पीठों में शामिल है, बाड़ी ​स्थित मां हिंगलाज धाम चमत्कारों के लिए विख्यात है

आस्थावान भक्तों को मां हिंगलाज अहसास करातीं है अदृभुत अनुभव,सैंकड़ो वर्षो से बिराजी है मां हिंगलाज देवी

सिटी बीट न्यूज नेटवर्क बरेली ( रायसेन )।

विध्यांचल पर्वत की उपत्यका में विराजमान मां हिंगलाज का दिव्य धाम चमत्कारों के लिए विख्यात है। आस्थावान भक्तों के लिए मां अदृभुत अनुभव करातीं  है। नेशनल हाईवे क्रमांक 45 भोपाल जबलपुर मार्ग के करीब स्थित मां हिंगलाज देवी की महिमा निराली है। मां की भव्य एवं प्राचीन प्रतिमा के अगल बगल में स्थित सूर्य और चंद्रमा ऐसा अहसास कराते है कि मां की उपासना कर रहें हैं। सैंकड़ो वर्षो से प्रज्जलित मां की दिव्य ज्योति के दर्शन करने मात्र से शरीर में अदृभुत रोमांच
होने लगते है। रायसेन जिले के बाड़ी में स्थित मां हिंगलाज देवी का मंदिर लगभग 500 वर्षों से आस्था का प्रतीक है। यह मंदिर 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। बताया जाता है कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि मां हिंगलाज देवी अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं, इसलिए मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश सहित कई प्रातों के श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं।

500 साल पहले स्वप्न में मां ने दिए थे दर्शन

विद्वान आचार्य देवनारायण शा​स्त्री बताते हैं कि मां हिंगलाज देवी का यह धाम आलौकिक है। बिना शक्ति के व्यक्ति एक कदम भी नहीं चल सकता मां के इस दिव्य धाम ​की महिमा निराली है। 500 वर्ष पूर्व से मां यहां विराजमान हैं। वे बताते हैं कि हमने ऐसा सुना है कि मां ने स्वप्न में आकर अपने परम भक्त महंत भगवान दास जी को कहा कि उन्हें पाकिस्तान के बलूचिस्तान से लाया जाए। इसके बाद महंत जी वहां गए और देवी मां को ज्वाला के रूप में लाकर बाड़ी में स्थापित किया। तब से मंदिर में अखंड ज्योति जल रही है और देवी मां के रूप में विराजमान हैं। विद्वान पं. सुरेन्द्र तिवारी कहते है कि मां हिंगलाज देवी का यह दिव्य धाम मनोकामनां पूर्ति के लिए जाना जाता है कोई भी भक्त आज तक यहा से खाली नहीं गया। जिसने भी मां की चौखट पर शीश झुकाया मां ने उसका सदैव मान रखा।

दर्शन मात्र से पूरी होती है हर मनोकामना

रविवार को यहां आस पास के भक्तों द्वारा श्रृद्धा ​सहित मां को चुनरी अर्पित की गई। यहां भक्तों ने बताया कि मां हिंगलाज के दिव्य धाम मंदिर में दर्शन मात्र से हर इच्छा पूरी होती है। यहां से कोई भी खाली हाथ नहीं जाता। नाम का उल्लेख न करने के साथ कई भक्तों ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि मां की कृपा से ही मां के दरबार में आने का सौभाग्य मिलता है। मां के ​दर्शन करने मात्र से मन में रोमांच आ जाता है और कुछ मांगने की इच्छा ही नहीं होती। जो सोच कर जाते हैं मांगना ही भूल जाते हैं। मां सब कुछ समझ लेती हैं। और वह मिल ही जाता है

नवरात्र पर्व के चलतें मां के दरबार में लगा मेला

नवरात्र महा पर्व के चलते हर दिन मां के दर्शन को काफी संख्या में भक्त पहुंच रहे है। मां के दरबार में सभी दर्शन कर रहें है और बच्चे मेला का आनंद ले रहें हैं।

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