ग्राम चौपाल में ही मिल रहा योजनाओं का लाभ,समस्याओं का भी हो रहा त्वरित समाधान- मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल
ग्राम चौपाल में प्राप्त 326 आवेदनों में से 270 का हुआ त्वरित निराकरण
बरेली तहसील के ग्राम बागपिपरिया में ग्राम चौपाल सम्पन्न

सिटी बीट न्यूज नेटवर्क बरेली (रायसेन)।
रायसेन जिले के तहसील मुख्यालय बरेली के पास ग्राम बागपिपरिया में गुरूवार को आयोजित ग्राम चौपाल का लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल द्वारा कन्यापूजन और दीप प्रज्जवलन कर किया गया। साथ ही विभिन्न विकास और निर्माण कार्यो का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर बाड़ी जनपद अध्यक्ष प्रभा बृजगोपाल पटेल तथा कलेक्टर अरूण कुमार विश्वकर्मा भी साथ रहे। ग्राम चौपाल में स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री पटेल ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान और सरकार की योजनाओं से लाभान्वित करने ग्राम चौपाल आयोजित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशा है कि ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का लाभ सुगमता से मिले, उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो, इसके लिए ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने रायसेन कलेक्टर अरूण कुमार विश्वकर्मा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस व्यवस्था में रायसेन जिले को अग्रणी बना दिया है। इन ग्राम चौपाल में ग्रामीणों द्वारा दिए गए जा रहे आवेदनों पर तेजी से कार्यवाही कर निराकृत किया जा रहा है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि गांवों के विकास और ग्रामीणों के कल्याण के लिए सरकार दृढ़संकल्पित है। सरकार द्वारा किसानों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गो सभी के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं और इन योजनाओं को धरातल पर ले जाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने ग्राम चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों से कहा कि यहां विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल पर जाकर विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर योजनाओं का लाभ लें। सरकार आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए, महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेकों योजनाएं चलाई जा रही हैं और इन योजनाओं का लाभ लेकर अनेक हितग्राही आज सफल व्यवसायी बन गए हैं।
ग्राम चौपाल में आवेदनों का त्वरित निराकारण
स्वास्थ्य मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्राम चौपाल में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण भी हो रहा है। उन्होंने बताया कि खाद्यान्न पात्रता पर्ची, फौती नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित अन्य आवेदन प्राप्त हुए हैं। ग्राम चौपाल में अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 20 आवेदन प्राप्त हुए हैं और उन्हें यह बताते हुए प्रसन्नता है कि इन सभी आवेदकों के नाम प्रधानमंत्री आवास सूची में शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन ग्रामीणों के नाम आवास सूची में शामिल हो जाएं, उन्हें इसकी जानकारी प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाए।
यह कहा कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने

ग्राम चौपाल में कलेक्टर अरूण कुमार विश्वकर्मा ने ग्रामीणों से कहा कि इस ग्राम चौपाल में सभी विभागों के जिला अधिकारी और विकासखण्ड अधिकारी उपस्थित हैं ताकि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए, योजनाओं का लाभ लेने यहां से दूर नहीं जाना पड़े। इन अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही योजनाओं का लाभ देने की कार्यवाही की जा रही है। ग्राम चौपाल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क जांच भी की जा रही है, ग्रामीण शिविर में अपने स्वास्थ्य की जांच जरूर कराएं।कलेक्टर श्री विश्वकर्मा द्वारा ग्रामीणों को आमदनी बढ़ाने हेतु नगदी फसलों की खेती तथा दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने हेतु पशुपालन करने के संबंध में चर्चा करने के दौरान किसानों से 15-20 साल पहले प्रति एकड़ होने वाले उत्पादन की जानकारी लेने पर ग्रामीणों ने बताया कि लगभग पांच से छः क्विंटल उत्पादन होता था। उन्होंने कहा कि इन 15-20 सालों में उत्पादन बढ़कर 20 से 25 क्विंटल हो गया है। इसमें किसानों ने भी मेहनत की है, उन्नत किस्म के बीज और तकनीक का प्रयोग किया है। कृषि से होने वाली आमदानी को और बढ़ाने के लिए उद्यानिकी खेती को अपनाना चाहिए। फलदार पौधे लगाकर, सब्जी की खेती या अन्य नगदी फसलों की खेती कर अधिक आमदनी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा पशुपालन करके भी आय में वृद्धि की जा सकती है।
शासन की योजनाओं का लाभ लेकर शुरू करें स्वयं का व्यवसाय
ग्राम चौपाल में कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने कहा कि शासन द्वारा स्वरोजगार शुरू करने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। उद्योग स्थापित करने के लिए, उद्यानिकी खेती के लिए, पशुपालन के लिए, किराना दुकान या अन्य व्यवसाय शुरू करने के लिए चलाई जा रहीं योजनाओं का लाभ लेकर स्वयं का स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं। जिले में उद्यानिकी फसलों की खेती और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए कलस्टर विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने ने ग्राम में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए ग्रामीणों से राशन दुकान नियमित खुलने और प्रतिमाह निर्धारित मात्रा में राशन मिलने, आंगनवाड़ी केन्द्र समय पर खुलने, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिलने के बारे में पूछा। कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने ग्रामीणों से कहा कि बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें और स्वयं भी बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दें। बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करेंगे, लगन के साथ मेहनत करेंगे तो उनका भविष्य उज्जवल होगा।
ग्राम चौपाल में प्राप्त 326 आवेदनों में से 270 का हुआ त्वरित निराकरण

ग्राम बागपिपरिया में आयोजित ग्राम चौपाल में कुल 326 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से 270 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया और शेष आवेदनों के निराकरण की कार्यवाही की जा रही है। ग्राम चौपाल में प्राप्त जाति प्रमाण पत्र के 45 आवेदनों में से 40 में प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं। इसी प्रकार 09 खाद्यान्न पात्रता पर्ची, सात मृदा परीक्षण रिपोर्ट, विद्युत के 06 आवेदनों, आधार के 07 आवेदनों, बैंक संबंधी सात आवेदनों का निराकरण किया गया। ग्राम चौपाल में प्राप्त फौती नामांतरण के सात आवेदनों, सीमांकन के दो आवेदनों तथा बंटवारा के दो आवेदनों में ओदश जारी कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त मत्स्य पालन हेतु प्राप्त तीन आवेदनों तथा पशुपालन हेतु प्राप्त 06 आवेदनों में स्वीकृति की कार्यवाही की जा रही है। अधिकारियों द्वारा बागपिपरिया ग्राम पंचायत में 04 नवम्बर तथा 05 नवम्बर को कुल 575 आवासों का डोर टू डोर सर्वे भी किया गया।
ग्राम चौपाल में 38 आयुष्मान कार्ड तथा 31 दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए

ग्राम बाग पिपरिया में आयोजित ग्राम चौपाल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में 346 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श तथा उपचार दिया गया। शिविर में 38 आयुष्मान कार्ड बनाए गए एवं दिव्यांगता प्रमाण पत्र हेतु प्राप्त 56 आवेदनों में से 31 आवेदनों को निराकृत कर दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए हैं तथा शेष में कार्यवाही जारी है। शिविर में सीएमएचओ, बीएमओ, विषय विशेषज्ञ डॉक्टर्स तथा स्वास्थ्य अमला उपस्थित रहा।
ग्राम चौपाल में किसानों को दी गई उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी
ग्राम चौपाल में कृषि वैज्ञानिक तथा कृषि अधिकारियों ने किसानों को फसलों की उत्पादकता और आमदनी बढ़ाने हेतु उपायों तथा उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को हर तीन से चार साल में बीज का बदलाव करना चाहिए। साथ ही बोवनी के पहले बीजोपचार आवश्यक है। इसी प्रकार दलहन फसलों में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए नए किस्म के बीज उपयोग में लाए जा सकते हैं। ग्राम चौपाल में किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों का कम से कम उपयोग करना चाहिए। उन्होंने किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसान साथी धान की कटाई के बाद नरवाई या पराली में आग ना जलाएं। इससे मिट्टी के पोषक तत्व और उर्वरक क्षमता नष्ट होती है। हार्वेस्टर से फसल कटाई कराते समय उसमें स्ट्रो मेनेजमेंट सिस्टम अनिवार्य होना चाहिए। इसके अलावा नरवाई प्रबंधन हेतु सुपर सीडर, हेप्पी सीडर सहित अन्य उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग करना चाहिए।










