गोवर्धन पूजा के साथ 56 प्रकार का लगाया गया भोग
सिटी बीट न्यूज नेटवर्क बरेली

नगर के प्रसिद्ध श्री हनुमान मंदिर हरिओम नगर में श्रीमदभागवत कथा के पंचम दिवस पर व्यास पीठ पर विराजमान पं. सुरेन्द्र शास्त्री ने श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुऐ गोवर्धन पर्वत की कथा का विस्तार से वर्णन किया और बताया किस प्रकार से इंद्र का अभिमान तोडऩे के लिए श्री कृष्ण ने ब्रजवासियों को गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा। क्रोधित होकर इंद्र ने मूसलाधार वर्षा की, तब भगवान ने अपनी कनिष्ठा अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी की रक्षा की। भगवान कृष्ण द्वारा माखन चोरी, माता यशोदा को ब्रह्मांड दर्शन, और गोपियों के साथ प्रेममयी लीलाओं का वर्णनकंस द्वारा भेजी गई राक्षसी पूतना का उद्धार किया और बताया कि भगवान निश्छल प्रेम (या समर्पण) से ही प्रसन्न होते हैं। यह दिन कृष्ण के भक्त प्रेम और इंद्र के अहंकार के नाश का प्रतीक है, जिसमें छप्पन भोग का विशेष महत्व है। उन्होंने कथा के माध्यम से कालिया नाग का मान मर्दन कर उसके फन के ऊपर नृत्य का वर्णन किया जिसे सुनकर श्रोता भाव विभोर होकर नाचने लगे। कथा के अंत में गोवर्धन महाराज की आरती और छप्पन भोग का प्रसाद वितरण किया। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक सुनाई जा रही है। बरेली नगर के प्रतिष्ठित व्यक्ति कथा श्रवण करने श्री हनुमान मंदिर दालमिल पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं। 19 तारीख को प्रसादी वितरण के साथ कथा का विश्राम दिवस होगा इस कार्यक्रम को लेकर आदर्श शिव महिला मंडल समिति और समस्त वार्डवासी निरंतर मेहनत कर इस कार्यकम को सफल बनाते आ रहे हैं। नगर परिषद बरेली, बरेली हिन्दु उत्सव समिति, बरेली क्षेत्रीय पत्रकार संगठन के साथ पूजा पब्लिक हायर सेकेन्ड्री स्कूल बरेली के साथ अन्य लोग भी इस कार्यक्रम की भूरि भूरि प्रशंसा कर रहे है।








