भगवान चित्रगुप्त पर विवादित बयान देकर फंसे प्रदीप मिश्रा, कायस्थ समाज ने की माफी की मांग

MP News: कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने भगवान चित्रगुप्त को लेकर विवादित बयान दिया है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पं. प्रदीप मिश्रा ने कथा के दौरान कहा, “फालतू की बात करना मति रे यमराज, तू मुझे पहचानता नहीं है।” 7 दिन से पुराण की कथा सुनी है, मेरा सबूत लेना हो तो संत ज्ञानेश्वर मावली जी से लेले। तेरे साथ तो नहीं जाऊंगा, यमराज को घबरा कर भागा, यमराज ने कहा किस को भेजूं, अगला संदेश चित्रगुप्त को भेजा, जाओ।  इस बयान के बाद कायस्थ समाज में गुस्से का माहौल है।

कायस्थ समाज का विरोध

प्रदीप मिश्रा द्वारा भगवान चित्रगुप्त पर की गई टिप्पणी के खिलाफ मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में कायस्थ समाज ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदीप से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की अपील की है। कायस्थ सभा के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह मामला पूरे सनातन धर्म की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। समाज ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही माफी नहीं मांगी जाती, तो पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

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कायस्थ समाज ने सौंपा ज्ञापन

ज्ञापन में समाज ने प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जाए। समाज का कहना है कि इस कदम से भविष्य में कोई भी धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ टिप्पणी करने से बचे। सभा ने सभी कायस्थ बंधुओं और सनातन धर्म के अनुयायियों से एकजुट होकर इस विरोध में शामिल होने की अपील की है।

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पहले भी प्रदीप मिश्रा की दे चुके हैं विवादित बयान

यह पहली बार नहीं है जब पंडित प्रदीप मिश्रा का विवादों से सामना हुआ है। इससे पहले, उन्होंने राधा रानी के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी की थी। ब्रज क्षेत्र में उनका प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया था। उन्हें मंदिर में माफी भी मांगनी पड़ी थी।

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समाज की अपील

कायस्थ समाज ने कहा है कि कथावाचकों को धार्मिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। सभी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उनका कहना है कि धार्मिक नेताओं को अपने शब्दों और बयानों पर सतर्क रहना चाहिए। क्योंकि उनके शब्द समाज पर गहरा प्रभाव डालते हैं।

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