कोर्ट में अपील लगाने सरकारी वकील मांग रही थी रिश्वत, लोकायुक्त ने दबोचा

MP NEWS: जबलपुर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की। अतिरिक्त लोक अभियोजक कुक्कू दत्त को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। मंगलवार शाम साढ़े सात बजे जिला कोर्ट में यह गिरफ्तारी हुई। कुक्कू दत्त ने एक मामले में पुनः अपील दायर करने के लिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के बदले 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।

बिना रिश्वत दिए नहीं हो रहा था काम

इस प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब सिविल लाइन निवासी बिहारी लाल रजक ने लोकायुक्त एसपी को शिकायत दी। शिकायत में कहा गया कि शिकायतकर्ता कई दिनों से अतिरिक्त लोक अभियोजक कुक्कू दत्त से मिल रहे थे। वे अपील से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने के लिए प्रयास कर रहे थे। लेकिन कुक्कू दत्त 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर रही थी। बिना रिश्वत दिए वह दस्तावेजों पर साइन करने और प्रतिवेदन बनाने को तैयार नहीं थी। आरोपी वकील ने शिकायतकर्ता को धमकी दी थी कि अगर रिश्वत नहीं मिली, तो ऐसा प्रतिवेदन बनाएगी कि अपील नहीं हो पाएगी।

ये खबर भी पढ़िए…जिला अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर नसीम बर्खास्त: 11 साल पुराने रिश्वत केस में सरकार की सख्त कार्रवाई

घर पर ही रिश्वत लेते दबोची गई सरकारी वकील 

शिकायत का परीक्षण करने के बाद लोकायुक्त ने ट्रैप सेट किया। मंगलवार शाम कुक्कू दत्त ने शिकायतकर्ता बिहारी लाल को अपने घर बुलाया और 15 हजार रुपए की रिश्वत ली। जैसे ही रिश्वत दी गई, लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई के दौरान उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी के नेतृत्व में निरीक्षक शशि मर्सकोले, रेखा प्रजापति, नरेश बेहरा और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद थे।

ये खबर भी पढ़िए…सहायक आबकारी आयुक्त जगदीश राठी के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई को फिर मिली मंजूरी

2022 के केस की अपील के नाम पर मांग रही थी घूस

जानकारी के अनुसार, साल 2022 में बिहारी लाल रजक ने एक अपराध पंजीबद्ध करवाया था। कोर्ट में सुनवाई के बाद आरोपी को दोषमुक्त करार दिया गया था। इस मामले में सरकारी पक्ष से कुक्कू दत्त ने पैरवी की थी। बाद में शासन ने कुक्कू दत्त को कोर्ट में अपील करने के लिए अधिकृत किया। लेकिन उन्होंने अपील की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रार्थी से घूस की मांग कर दी।

ये खबर भी पढ़िए…इंदौर माइनिंग अधिकारियों ने 7 साल के बच्चे के नाम फर्जी दस्तावेज से दी खदान, हाईकोर्ट ने लोकायुक्त को दिए FIR आदेश

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त पुलिस ने कुक्कू दत्त के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(B), और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। सरकारी पद पर रहते हुए रिश्वत लेना गंभीर अपराध है और यदि दोष सिद्ध हुआ तो अभियोजक को लंबी सजा हो सकती है।

ये खबर भी पढ़िए…रिटायरमेंट से पहले कृषि अधिकारी को लोकायुक्त ने 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

न्याय के मंदिर में भ्रष्टाचार का काला साया

यह घटना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था, बल्कि न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती है। जब इंसाफ दिलाने का जिम्मेदार ही कानून तोड़ने लगे, तो आमजन में न्याय की उम्मीदें डगमगाने लगती हैं। लोकायुक्त की यह कार्रवाई भ्रष्ट अधिकारियों को कड़ा संदेश देती है कि चाहे पद कुछ भी हो, कानून सभी के लिए समान है।

thesootr links

सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃

🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩

 लोकायुक्त कार्रवाई 

 

 

  • Related Posts

    सीएसआईआर–सीबीआरआई द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) लाभार्थियों के लिए ‘आवास सक्षम’ प्रौद्योगिकी प्रदर्शन का आयोजन

    सिटी बीट न्यूज नेटवर्क बरेली रायसेन  सीएसआईआर–केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान(सीएसआईआर–सीबीआरआई),रुड़की ने मध्य प्रदेश सरकार एवं बाल रक्षा भारत के सहयोग से रायसेन जिले के जनकपुर गांव में ‘आवास सक्षम: पीएमएवाई-जी…

    Read more

    4/ Pressant Salle de jeu � 60 � sans avoir í  wager + deux � diesel í  l’époque la presence

    Cashed, il est l’eldorado du jeux ! Machines pour sous parmi ligue, blackjack, fraise, tentative, gaming facilement, l’article engendre par réellement apogees editeurs. Cote la capitale sportifs, nous abritee grace…

    Read more

    You cannot copy content of this page