इंदौर जिला कोर्ट ने उज्जैन के पांच वकीलों को हत्या के प्रयास में सुनाई सजा, एक की उम्र 90 साल

INDORE. इंदौर जिला कोर्ट ने उज्जैन के एक केस में एक-दो नहीं पूरे पांच कानून के जानकार वकीलों को सजा सुनाई है। यह हत्या के प्रयास का जानलेवा हमले का मामला था। इन वकीलों में एक 90 साल के बुजुर्ग वकील भी शामिल है। पैरवी करने वाले अधिवक्ता ने दावा भी किया कि संभवत यह पहला ऐसा मामला है जब एक साथ पांच वकीलों को सजा सुनाई गई है।

इन वकीलों को सुनाई गई सजा

सजा पाने वाले उज्जैन के पांच वकीलों धर्मेंद्र शर्मा, शैलेंद्र शर्मा, भवेंद्र शर्मा एवं पुरुषोत्तम राय को सात-सात साल की सजा सुनाई गई। वहीं पांचवे वकील जिनकी उम्र 90 साल है, वकील सुरेंद्र शर्मा को 3 साल सामान्य कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया।

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यह है मामला-

उज्जैन के पांच वकीलों को सजा को लेकर अधिवक्ता अशोक कुमार शर्मा (पूर्व जिला जज एवं उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त अर्बिट्रेटर) और वरिष्ठ अधिवक्ता गगन बजाड़ ने बताया कि साल 2009 में एक फरियादी पर उज्जैन की जिला कोर्ट परिसर में जानलेवा हमले (हत्या का प्रयास ) का आरोप है। इस पर आरोपियों पर धारा 307/34 के तहत केस दर्ज हुआ था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्ण डागलिया की कोर्ट ने आरोपियों को दोषी पाया। 

दो आरोपी, अन्य आरोपी के पुत्र

अधिवक्ता अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपी धर्मेंद्र और शैलेंद्र, अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा के बेटे हैं। जबकि अन्य दोनों आरोपी भवेंद्र शर्मा और पुरुषोत्तम राय इन्हीं के जूनियर है। प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी गई, जिसमें इनके साथ ही वरिष्ठ अभिभाषक राजेंद्र समदानी, वरिष्ठ अभिभाषक राहुल विजयवर्गीय, अभिभाषक कनिष्क शर्मा एवं अभिभाषक विजय गोविन्दानी भी मौजूद थे।

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इस तरह हुआ पूरा घटनाक्रम

यह मामला साल 10 फरवरी 2009 का है। धर्मेंद्र शर्मा और उसके भाई ने उनके खिलाफ चल रहे एक मामले में पत्रकार घनश्याम पटेल जब गवाही देने आए थे तब सभी ने कोर्ट परिसार में पहले धमकी दी।

धमकी की रिपोर्ट पटेल ने उज्जैन में दर्ज कराई थी। इसके बाद जब वह कोर्ट गए तो फिर उन पर पांचों आरोपियों ने हमला किया। पटेल की रिवॉल्वर, चेन और घड़ी भी लूटी गई। चूंकि पांचों ही अधिवक्ता थे, ऐसे में हाईकोर्ट ने मामले को उज्जैन ट्रायल कोर्ट की जगह इंदौर में ट्रांसफर कर दिया।

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