कृषक कल्याण वर्ष 2026 में योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का किया गया है प्रावधान


सिटी बीट न्यूज नेटवर्क बरेली रायसेन
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के सशक्तिकरण के माध्यम से प्रदेश के सर्वांगीण विकास की परिकल्पना की गई है। इसी अनुक्रम में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सतत और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के वार्षिक बजट 2026-27 में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह वित्तीय वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित अनुमान 169 करोड़ 11 लाख रुपए से लगभग 18.25 प्रतिशत अधिक है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सफल उद्यमी बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना, मील का पत्थर साबित हो रही है। रायसेन जिले में भी इस योजना का लाभ लेकर अनेक युवा सफल उद्यमी बनकर दूसरों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन रहे हैं।

रायसेन जिले के किसान महेश रघुवंशी द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना की मदद से स्वयं का आटा उद्योग शुरू किया गया है। गैरतगंज क्षेत्र के किसान महेश रघुवंशी बताते हैं कि पहले वह परम्परागत खेती करते थे, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष बहुत कम आय प्राप्त होती थी। जब उन्हें सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के बारे में पता चला, तो उन्होंने गैरतगंज विकासखण्ड के उद्यानिकी कार्यालय में सम्पर्क किया। यहां उन्हें पीएमएफएमई योजना की सम्पूर्ण जानकारी दी गई। महेश रघुवंशी द्वारा आटा उद्योग शुरू करने में रूचि दिखाई तथा इसके बारे में जानकारी भी प्राप्त की। इसके उपरांत उन्होंने योजना के तहत आटा उद्योग इकाई लगाने के लिए योजना के तहत आवेदन किया। भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से ऋण स्वीकृत होने तथा राशि मिलने पर उन्होंने आधुनिक मशीनों के साथ आटा उद्योग इकाई ब्रांड “वेदांश ओवर सीज फ्लोर मिल“ स्थापित की। योजना के तहत महेश को 35 प्रतिशत अनुदान सहायता मिली है।

हितग्राही महेश रघुवंशी ने बताया कि वह आधुनिक मशीनों के उपयोग से उच्च गुणवत्ता के उत्पाद जैसे आटा एवं दलिया का प्रतिदिन 30 से 35 क्विंटल उत्पादन कर रहे हैं। जिसे वह “वेदांश ओवर सीज फ्लोर मील“ के नाम से गैरतगंज, रायसेन, भोपाल एवं आसपास के बाजार में विक्रय कर प्रति माह लगभग 80 हजार से 90 हजार रू आय प्राप्त कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को धन्यवाद देते हुए हितग्राही महेश रघुवंशी कहते हैं कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना युवाओं के लिए वरदान की तरह है। इस योजना की मदद से हितग्राही स्वरोजगार स्थापित कर स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।











