छूमंतर हो सकता है सर्वाइकल का दर्द; आजमा कर देखिए ये 3 तरह के आसान योगासन

आजकल के आधुनिक जीवनशैली में लोग घंटों लैपटॉप या मोबाइल पर काम करते हैं, जिससे गर्दन, कंधे और पीठ में तनाव (tension) और दर्द (pain) बढ़ जाता है। सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस (Cervical Spondylitis) जैसी समस्याएं लोगों में आम होती जा रही हैं। यह दर्द असहनीय हो सकता है और लंबे समय तक बैठे रहने के कारण, मांसपेशियों में खिंचाव (strain) आ जाता है।

पेनकिलर का विकल्प  

कई लोग सर्वाइकल दर्द से राहत पाने के लिए पेनकिलर (Painkiller) का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ये अस्थायी राहत देते हैं और शरीर पर बुरा असर डाल सकते हैं। ऐसे में योगासन (Yoga Poses) एक प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका हो सकता है जिससे दर्द कम किया जा सकता है।

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सर्वाइकल दर्द के लिए सबसे प्रभावी योगासन…  

1. अर्ध शलभासन (Half Locust Pose):

यह आसन गर्दन के दर्द से राहत पाने के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव आता है और दर्द को दूर करने में मदद मिलती है। साथ ही, साइटिका (Sciatica) और वजन घटाने (Weight loss) में भी यह आसन सहायक होता है।

ऐसे करें अर्ध शलभासन…

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  1. पेट के बल जमीन पर लेट जाएं।  

  2. दोनों हाथों को सीधा करके और पीठ को सीधा रखें।  

  3. अब गर्दन को ऊपर की ओर उठाएं, गहरी सांस लें।  

  4. दाईं टांग को हवा में उठाएं, और हाथों को जमीन पर रखें।  

  5. कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहें, फिर दाएं पैर को नीचे रखकर बाएं पैर को उठाएं। इसे 5 से 7 मिनट तक दोहराएं।

2. मकरासन (Makarasana): 

मकरासन या मगरमच्छ आसन गर्दन और रीढ़ की हड्डी (Spine) के दर्द को दूर करने में बेहद प्रभावी है। यह आसन फेफड़ों को भी मजबूत करता है और सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस (Cervical Spondylitis) के कारण होने वाले स्ट्रेस को कम करता है।  

ऐसे करें मकरासन…

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  1. पेट के बल जमीन पर लेट जाएं।  

  2. सिर और कंधों को ऊपर उठाएं, हथेलियों को और कोहनियों को हवा में रखें।  

  3. कोहनियों को एक साथ रखें ताकि रीढ़ में अधिक मोड़ आए।  

  4. इस पोजीशन में कुछ देर आराम करें और फिर इसे दोहराएं।  

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3. शशांक भुजंगासन (Shashank Bhujangasana):

यह आसन रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) और गर्दन के दर्द से राहत देने में मदद करता है। यह शरीर में लचीलापन (Flexibility) लाता है और पीठ के दर्द को भी कम करता है।  

ऐसे करें शशांक भुजंगासन…

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  1. सबसे पहले मैट पर एड़ियों के बल बैठ जाएं।  

  2. दोनों हाथों को थाई पर रखें और आंखें बंद करें।  

  3. अब सिर को जमीन पर लगाएं और दोनों हाथों को आगे की ओर फैला लें।  

  4. धीरे-धीरे चेस्ट और पेट को जमीन पर लगाएं।  

  5. नाभी तक शरीर को ऊपर उठाएं और गर्दन को ऊपर की ओर रखें।  

  6. इसे 5 से 6 बार दोहराएं। 

नोट : इन योगासनों को दिन में कम से कम 5 से 10 मिनट तक करना चाहिए। नियमित अभ्यास से मांसपेशियों की लचीलापन (Flexibility) और दर्द में राहत मिलती है।   

आहार और जीवनशैली में बदलाव से भी पा सकते हैं राहत

सर्वाइकल दर्द को दूर करने के लिए आहार और जीवनशैली (Lifestyle) में सुधार बेहद महत्वपूर्ण है। पर्याप्त पानी (Water) पीना, सही पोश्चर (Posture) बनाए रखना और तनाव को कम करना आवश्यक है। इसके अलावा, योगासन नियमित रूप से करने से मांसपेशियों की लचीलापन और रक्त संचार (Blood Circulation) बेहतर होता है।

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