मंत्री विजय शाह मामले में आज SC में स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी SIT, कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिया था विवादित बयान

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादास्पद बयान के मामले में सुनवाई होगी। इस दौरान स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अपनी स्थिति रिपोर्ट पेश करेगी, जिसमें मंत्री के बयान के वीडियो की जांच से संबंधित तथ्य भी शामिल होंगे।

विजय शाह से हुई पूछताछ

SIT ने पहले मंत्री शाह के बयान का वीडियो जांच के लिए भेजा था। जांच में प्राप्त तथ्यों को SIT अपनी स्थिति रिपोर्ट में शामिल करेगी। इससे पहले, SIT ने 19 जुलाई को मंत्री विजय शाह को जबलपुर बुलाकर उनसे करीब 25 मिनट तक सवाल-जवाब किए थे और उनके बयान दर्ज किए थे।

ये है मंत्री विजय शाह का विवादास्पद बयान

विवाद की शुरुआत 11 मई को हुई, जब विजय शाह ने इंदौर के महू में रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर पर बयान दिया। शाह ने कहा था, उन्होंने (आतंकियों) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा (पहलगाम हमले की बात करते हुए)। मोदी जी ने उनकी बहन को ही उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।

शाह ने आगे कहा था- अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा, कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी।

शाह के इस बयान ने पूरे देश में हंगामा मचाया। यह टिप्पणी राष्ट्रहित और संवेदनशील मुद्दों से जुड़ी हुई थी, जिसके कारण उनकी कड़ी आलोचना की गई।

टाइमलाइन से समझें विजय शाह का पूरा मामला

  • 11 मई 2025 को विजय शाह ने इंदौर के महू में आयोजित हलमा कार्यक्रम में कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादास्पद बयान दिया।

  • 13 मई को माफी मांगने के बाद भाजपा संगठन ने पकड़कर लाठियां मारी।

  • 14 मई को हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश देते हुए मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया।

  • 14 मई की रात 11 बजे इंदौर के मानपुर थाने में FIR दर्ज की गई।

  • 15 मई को हाईकोर्ट ने FIR की भाषा पर नाराजगी जताई।

  • 16 मई को हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।

  • 17 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अगली तारीख 19 मई दी गई।

  • 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई की और विजय शाह को फटकार लगाई। कोर्ट ने SIT को जांच के आदेश दिए।

  • 19 मई को ही SIT का गठन हुआ, जिसमें सागर रेंज के तत्कालीन IG प्रमोद वर्मा, तत्कालीन SAF DIG कल्याण चक्रवर्ती और डिंडोरी SP वाहिनी सिंह शामिल थे।

  • 20 मई को SIT ने जांच शुरू की और इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में अपना बेस कैम्प स्थापित किया।

  • 21 मई को SIT की टीम महू के रायकुंडा गांव पहुंची, जहां विजय शाह ने अपना बयान दिया था।

  • 28 मई को कई लोगों के बयान दर्ज करने के बाद SIT ने दस्तावेज तैयार कर इन्हें कोर्ट के सामने पेश किया।

  • 19 जुलाई को SIT ने विजय शाह को जबलपुर बुलाकर उनसे बयान दर्ज किया और 25 मिनट तक सवाल-जवाब किए।

  • 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई होगी, और SIT अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी।

कोर्ट की प्रतिक्रिया और SIT की जांच

शाह के बयान पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई को इस मामले में सुनवाई की और शाह को फटकार लगाई, साथ ही SIT को मामले की गहरी जांच करने का निर्देश दिया। इसके बाद, SIT का गठन किया गया, जिसमें प्रमुख अधिकारियों की टीम शामिल थी।

SIT की जांच प्रक्रिया

SIT ने 20 मई से जांच शुरू की, जिसमें इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में अपना बेस कैम्प स्थापित किया गया। 21 मई को SIT की टीम महू के रायकुंडा गांव भी पहुंची, जहां विजय शाह ने यह बयान दिया था। SIT ने 125 से अधिक लोगों से बयान दर्ज किए, जिनमें पत्रकार, बीजेपी के नेता, कार्यक्रम के आयोजक और अन्य उपस्थित लोग शामिल थे।

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इनके भी लिए गए बयान

SIT ने महू की वर्तमान विधायक ऊषा ठाकुर, पूर्व कैबिनेट मंत्री दीपमाला रावत और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों के बयान दर्ज किए। साथ ही, छात्रों, NCC कैडेट्स और सामाजिक संस्थाओं के वॉलंटियर्स के बयान भी दर्ज किए गए। SIT ने इन सभी गवाहों के बयान रिकॉर्ड किए और दस्तावेज तैयार किए, जिन्हें 28 मई को कोर्ट के सामने पेश किया गया।

शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई एक और याचिका

कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी को लेकर MP के मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ बीते दिनों कांग्रेस नेता डॉ. जया ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए उनके खिलाफ याचिका दायर की है। इस याचिका में विजय शाह को मंत्री पद से हटाने की मांग की गई है। जया ठाकुर ने आरोप लगाया है कि विजय शाह का बयान संविधान के मूल्यों और मंत्री पद की शपथ के खिलाफ है।

डॉ. जया ठाकुर ने अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि विजय शाह का बयान संविधान की तीसरी अनुसूची के तहत ली गई शपथ के खिलाफ है। मंत्री बनने के बाद जो शपथ ली जाती है, उसमें सभी नागरिकों के साथ बिना भेदभाव के न्याय करने का वचन दिया जाता है।  याचिका में कहा गया है कि विजय शाह का बयान मुस्लिम समुदाय में अलगाव की भावना पैदा कर सकता है। यह देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचा सकता है।

FAQ

1. विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर क्या बयान दिया था? 

विजय शाह ने 11 मई को इंदौर के महू में एक कार्यक्रम में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था। उन्होंने कहा था, उन्होंने (आतंकियों) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा (पहलगाम हमले की बात करते हुए)। मोदी जी ने उनकी बहन (सोफिया कुरैशी ) को ही उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।

2. SIT ने विजय शाह के बयान की जांच कब शुरू की? 

SIT ने 19 मई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विजय शाह के बयान की जांच शुरू की। इसके बाद, 125 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए गए।

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