सीएसआईआर-एम्प्री भोपाल की विशेष पहल, बिना बिजली के काम करेगा आधुनिक नैनो मेम्ब्रेन तकनीक पर आधारित वाटर फिल्टर

सिटी बीट न्यूज नेटवर्क जनकपुर (रायसेन)।
जनकपुर (रायसेन)। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और लोगों के स्वास्थ्य एवं जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की भोपाल स्थित प्रयोगशाला, प्रगत पदार्थ तथा प्रक्रम अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-एम्प्री) ने महत्वपूर्ण पहल की है। संस्थान द्वारा विकसित नैनो वाटर फिल्टर को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के जनकपुर गांव में संचालित एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला में स्थापित किया गया है।
यह पहल सीएसआईआर के स्मार्ट विलेज मिशन के अंतर्गत की गई है। नैनो मेम्ब्रेन तकनीक पर आधारित यह वाटर फिल्टर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की सुविधा को सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसकी खासियत यह है कि यह बिना बिजली के काम करता है और आवश्यक मिनरल युक्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विकसित किया गया है। साथ ही, उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, इस तकनीक में पानी की बर्बादी नहीं होती है।
बच्चों और ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
विद्यालय में नैनो वाटर फिल्टर की स्थापना से स्कूली बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही गांव के लोगों को भी इस सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है। स्वच्छ पेयजल की बेहतर उपलब्धता से जलजनित बीमारियों के जोखिम को कम करने और ग्रामीण समुदाय के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगी वैज्ञानिक तकनीक
सीएसआईआर-एम्प्री भोपाल का स्मार्ट विलेज मिशन वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों को ग्रामीण समुदाय तक पहुंचाने तथा उनका जनहित में उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। जनकपुर गांव के विद्यालय में नैनो वाटर फिल्टर की स्थापना इसी प्रयास का हिस्सा है।
यह पहल दर्शाती है कि वैज्ञानिक नवाचारों का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में किया जा सकता है। यदि ऐसी तकनीकों का विस्तार अन्य ग्रामीण विद्यालयों और जरूरतमंद क्षेत्रों में भी होता है, तो स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं।











