आर्थिक तंगी से टूटा सपना, टीम पहल ने संवारा, नौवीं कक्षा में प्रवेश दिलाकर जगाई पढ़ाई की उम्मीद

प्रदीप धाकड़/कमल याज्ञवल्क्य
बरेली (रायसेन)।

“शिक्षा है हर बच्चे का अधिकार” – इसी संकल्प को साकार करते हुए टीम पहल ने एक और बच्चे के जीवन में नई रोशनी भर दी। जानकारी मिली कि बरेली नगर का एक बच्चा आठवीं कक्षा पास करने के बाद आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो गया था। परिवार की स्थिति इतनी कमजोर थी कि आगे की शिक्षा संभव नहीं हो पा रही थी,लेकिन जैसे ही यह संवेदनशील सूचना जागरूक नागरिक संतोष राय, किराना वाले (होली चौक, बरेली) के माध्यम से टीम पहल तक पहुँची, संस्था ने बिना विलंब किए कदम उठाया। टीम पहल ने आगे आकर बच्चे का नौवीं कक्षा में प्रवेश कराया और उसकी फीस जमा कर दी। अब यह बच्चा फिर से विद्यालय जाकर अपने सपनों को साकार करने की राह पर लौट सकेगा।

टीम पहल परिवार का मानना है

“कोई भी बच्चा केवल आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।” संस्था ने नगरवासियों से निवेदन किया है कि यदि आसपास कोई भी बच्चा पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर है, तो कृपया इसकी सूचना टीम पहल को दें ताकि उसे दोबारा शिक्षा से जोड़ा जा सके। शिक्षा से जुड़े इस पुनीत कार्य में नगर का हर शिक्षक भी बच्चों को सिखाने के लिए तत्पर है। साथ ही टीम पहल ने एक और अपील की है कि यदि बरेली नगर में कोई भी बच्चा आर्थिक रूप से कमजोर है और कोचिंग करना चाहता है, तो उसकी सूचना टीम पहल परिवार तक पहुँचाएँ। ऐसे बच्चों को निःशुल्क कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए। टीम पहल बरेली ने सेवा प्रकल्पों के लिए कहा है कि हमारे इस सेवा हेल्पलाइन नंबर पर कभी भी संपर्क किया जा सकता है। टीम पहल का सेवा हेल्पलाइन नंबर है- 9424502080

  • Related Posts

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे उपार्जन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण

    किसी भी समय,कहीं भी उतर सकता है मुख्यमंत्रीजी का हेलीकॉप्टर सिटी बीट न्यूज नेटवर्क बरेली ( रायसेन ) * मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में उपार्जन केंद्र पर चल रही…

    Read more

    ई-उपार्जन में स्लॉट बुकिंग ठप, बरेली में किसानों का आक्रोश—तीसरे दिन भी धरना जारी

    रजिस्ट्रेशन पूरे, पर स्लॉट नहीं खुल रहे; चुनिंदा बुकिंग को प्रचारित कर भ्रम फैलाने का आरोप सिटी बीट न्यूज नेटवर्क बरेली।  मध्यप्रदेश सरकार की ई-उपार्जन योजना के तहत जहां किसानों…

    Read more

    You cannot copy content of this page