लक्ष्मी कांत राय खरगोन
सिटी बीट न्यूज नेटवर्क

रायसेन जिले के बाड़ी विकासखंड अंतर्गत ग्राम खरगोन स्थित पीएम श्री एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को जर्जर भवन और कक्षों की कमी के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय में कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं,लेकिन पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं होने से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विद्यालय के कई कक्ष अत्यंत क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं तथा जगह-जगह प्लास्टर उखड़कर गिर रहा है। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और सीलन की समस्या के कारण विद्यार्थियों को असुरक्षित वातावरण में पढ़ाई करनी पड़ रही है। भवन की खराब स्थिति को देखते हुए कई कक्षों का उपयोग करना भी जोखिम भरा माना जा रहा है। कमरों की कमी के चलते विद्यालय में कक्षा 1 से 12वीं तक की कक्षाएं तीन शिफ्टों में संचालित करनी पड़ रही हैं। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तथा शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।
विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य एन.एस. बुनकर ने बताया कि
“विगत वर्षों में हमने जैसे-तैसे शिक्षा सत्र पूरा कर लिया, लेकिन आगामी शिक्षा सत्र में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। विद्यालय भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। यदि किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”
उन्होंने प्रशासन और शिक्षा विभाग से शीघ्र हस्तक्षेप कर विद्यालय भवन की मरम्मत अथवा नए कक्षों के निर्माण की मांग की है। वहीं अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। अभी स्कूल गांव के अंदर संचालित हो रहा है जहां पर खेल मैदान सहित अन्य जरूरी सुविधाएं छात्रों को नहीं मिल पा रही। नेशनल हाईवे क्रमांक 45 पर दान में मिली जगह पर सर्व सुविधा युक्त भवन निर्माण होता है तो छात्रों को शैक्षणिक व्यवस्था में भी सुधार होगा और अन्य सुविधाएं खेल के लिए भी जगह मिलेगी अभी छात्रों को शिक्षा अध्ययन में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।बता दें गांव के दानदाता समाजसेवी स्वर्गीय तुलसीराम राय ने आज से 3-4 वर्ष पूर्व नेशनल हाईवे क्रमांक 45 पर अपनी बैस कीमती जमीन ढाई एकड़ जमीन स्कूल भवन निर्माण के लिए दी है, वह परेशानी अब तक दूर नहीं हुई प्रशासनिक अधिकारियों ने स्कूल भवन निर्माण को लेकर रुचि नहीं दिखाई परिणाम स्वरूप स्कूल अभी तक स्कूल भवन तक नहीं बन सका। यह पीड़ा समाज सेवी स्व, तुलसीराम राय ने दुखी मन से बताया था , उन्होंने कहा था मेरे मरने से पहले यदि स्कूल भवन बन जाए और नए भवन में बैठकर छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने लगे तो सबसे ज्यादा खुशी होगी ।








