सिटी बीट न्यूज नेटवर्क बरेली ( रायसेन )

बरेली — नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी के संबंध में फेसबुक पर मृत्यु एवं अंतिम संस्कार संबंधी भ्रामक आपत्तिजनक पोस्ट प्रकाशित कर उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने एवं आमजन में भ्रम उत्पन्न करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने सैकडों की संख्या में बरेली थाना पहॅुचे जहां पर पुलिस अधीक्षक रायसेन के नाम एसडीओपी कुअंर सिंह मुकाती को ज्ञापन सौंंपा। ज्ञापन में कहा गया कि 27/07/2026 को फेसबुक पर “शैलेन्द्र सिंह राजपूत” नामक प्रोफाइल से सांसद दर्शन सिंह चौधरी लोकसभा क्षेत्र नर्मदापुरम-नरसिंहपुर के संबंध में अत्यंत आपत्तिजनक भ्रामक एवं अमर्यादित पोस्ट प्रकाशित की गई है।पोस्ट में सांसद दर्शन सिंह चौधरी को संबोधित करते हुए लिखा गया है कि”दर्शन चौधरी जहां भी मिले उनका अंतिम संस्कार कर दिया जाए इस दुनिया में अब नहीं रहे..”इसके साथ ही पोस्ट में “ॐ शांति / ओम शांति” लिखी हुई तस्वीर लगाकर सांसद का चित्र प्रदर्शित किया गया है,उनके फेसबुक अकाउंट को टैग किया गया है। उक्त पोस्ट का स्वरूप स्पष्ट रूप से ऐसा है, पोस्ट से आमजन में यह भ्रामक धारणा उत्पन्न हो सकती है कि सांसद दर्शन सिंह चौधरी का निधन हो गया है। जबकि सांसद पूर्णतः सक्रिय हैं तथा निरंतर अपने लोकसभा क्षेत्र में जनता के बीच रहकर जनसेवा एवं विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ज्ञापन मे यह भी कहा गया कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के संबंध में इस प्रकार मृत्यु एवं अंतिम संस्कार से संबंधित भ्रामक सामग्री प्रकाशित करना अत्यंत गंभीर एवं निंदनीय कृत्य है। यह कृत्य सामान्य राजनीतिक आलोचना अथवा वैचारिक विरोध की सीमा से पूर्णतः परे है। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी व्यक्ति के संबंध में उसकी मृत्यु का झूठा /भ्रामक चित्रण करना तथा अंतिम संस्कार की सामग्री प्रकाशित करना गंभीर विषय है। प्रथम दृष्टया उक्त कृत्य मानहानि सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत जांच योग्य प्रतीत होता है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 356 में किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से या ऐसा होने का ज्ञान /कारण होते हुए प्रकाशित किए गए आरोप/चित्रण को मानहानि के दायरे में रखा गया है।
उक्त ज्ञापन में मांग की गई है कि
1. उक्त फेसबुक प्रोफाइल एवं पोस्ट की तत्काल जांच कर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी / कानूनी कार्रवाई की जाए और पोस्ट प्रकाशित करने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान एवं उसके द्वारा प्रयुक्त फेसबुक अकाउंट, मोबाइल नंबर, ई-मेल, आईपी लॉग एवं अन्य डिजिटल विवरण की जांच की जाए।
2. उक्त पोस्ट को प्रसारित/शेयर/फॉरवर्ड करने वाले अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाए।
3. फेसबुक/मेटा से आवश्यक डिजिटल साक्ष्य एवं तकनीकी जानकारी प्राप्त कर साक्ष्यों को सुरक्षित कराया जाए।
4. पोस्ट के स्क्रीनशॉट, यूआरएल, प्रोफाइल विवरण, पोस्ट की तारीख एवं समय आदि को प्रकरण के साक्ष्य के रूप में संलग्न किया जाए।
5. पोस्ट को हटवाने तथा उसके आगे प्रसार को रोकने हेतु नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
6. जांच में पाए गए तथ्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 एवं अन्य लागू कानूनों की उपयुक्त धाराओं में कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन सौपने में नगर परिषद बरेली अध्यक्ष हेमंत राजा भैया चौधरी, हेमंत पटेल, हेमंत बढकुर ,देवेन्द्र पटेल, राजेन्द्र पटेल, राकेश साहू सहित साथ सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।











