टूटी दीवारें और कमजोर छत बनीं जान का खतरा — एक ही हॉल में चल रही कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई

भारकच्छ कला (रायसेन)।
ग्राम भारकच्छ कला स्थित शासकीय बालक माध्यमिक शाला का जर्जर भवन बच्चों और शिक्षकों के लिए खतरे का सबब बना हुआ है। भवन की दीवारें क्षतिग्रस्त हैं और छत भी खराब स्थिति में है। इसके बावजूद इसी भवन में विद्यार्थियों की पढ़ाई और विद्यालय कार्यालय का संचालन किया जा रहा है। विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक करीब 139 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। जगह की कमी के चलते कक्षा 1 से 5 तक के करीब 75 बच्चों की पढ़ाई सुबह की पारी में, जबकि कक्षा 6 से 8 तक के करीब 64 विद्यार्थियों की कक्षाएं दोपहर की पारी में एक ही हॉल में संचालित की जा रही हैं।
एक हॉल में कई कक्षाएं, शिक्षा व्यवस्था प्रभावित
एक ही हॉल में सीमित संसाधनों के बीच कक्षाओं के संचालन से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पर्याप्त कक्ष नहीं होने के कारण बच्चों को उचित शैक्षणिक वातावरण भी नहीं मिल पा रहा है।
जर्जर भवन में ही चल रहा कार्यालय
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि विद्यालय का कार्यालय भी इसी जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। क्षतिग्रस्त दीवारों और छत के बीच शिक्षक एवं कर्मचारी काम करने को मजबूर हैं। ऐसे में किसी भी समय अप्रिय घटना घटने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों में आक्रोश, नवीन भवन की मांग
ग्रामीणों और विद्यालय स्टाफ का कहना है कि भवन की मरम्मत अथवा नवीन भवन निर्माण की मांग कई बार उठाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से तत्काल भवन का निरीक्षण कराकर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर है। प्रशासन को किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते ठोस कदम उठाना चाहिए।
बड़ा सवाल
क्या प्रशासन हादसा होने के बाद जागेगा, या उससे पहले ही जर्जर स्कूल भवन की सुध लेकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा?











