राजस्थान के ब्यूरोक्रेट्स में इन डिग्रीधारियों का दबदबा, जानिए किस अफसर ने कहां तक की पढ़ाई

राजस्थान कैडर के ब्यूरोक्रेट्स कामकाज में ही नहीं पढाई लिखाई में भी अव्वल रह चुके हैं। प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में जिस तरह कामकाज को लेकर दबदबा है। ठीक वैसे ही शैक्षणिक योग्यताओं में भी ये अफसर कमजोर नहीं है। इन अफसरों की शैक्षणिक योग्यता न केवल राज्य सरकार का संचालन करने बल्कि प्रदेश को विजन प्रदान करने और योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में भी मदद करता है। 

राजस्थान के किन अफसरों ने किन-किन विषयों पर महारत हांसिल कर रखी है। इन्हीं विधाओं के जरिए राजस्थान कैडर के IAS, IPS समाज का भला कर रहे हैं। इस खबर के जरिए जानते हैं। राजस्थान कैडर के ब्यूरोक्रेट्स ने यूपीएससी क्रेक करने के साथ किस-किस विषय पकड़ कर रखी है।

चिकित्सा सेवा छोड़ ब्यूरोक्रेट्स बने 

राजस्थान में कई ब्यूरोक्रेट्स ऐसे हैं। जिन्होंने अपने कैरियर के तौर पर चिकित्सा पेशे को चुना। लेकिन परिपक्वता होने के साथ ही इन्हें समझ आ गया कि ब्यूरोक्रेसी में जाकर लोगों और समाज का भला किया जा सकता है। ऐसे में इन अफसरों ने एमबीबीएस करने के बाद IAS या IPS क्रेक किया। 

जिन अफसरों ने ऐसा किया उनमें IAS डॉ. पृथ्वीराज, डॉ. प्रीतम बी यशवंत, डॉ. समित शर्मा, डॉ. रवि कुमार सुरपुर, डॉ. आरुषि अजेय मलिक, डॉ. प्रदीप के गवांडे, भारती दीक्षित, भंवर लाल, खुशाल यादव, अंजलि राजौरिया, इंद्रजीत यादव, अमित यादव, मंजू, रवि गोस्वामी, अर्तिका शुक्ता, गौरव सैनी, सौम्या झा, टी शुभमंगला, शिल्पा सिंह, निधि पटेल, धीरज कुमार, अंशु प्रिया और नेहा राजपूत शामिल हैं। 

वहीं IPS अफसरों में एमबीबीएस करने वाले डॉ. प्रशाखा माथुर, बीएल मीणा, नितिनदीप ब्लगन, डॉ. एस परिमल, डॉ. रवि, अमनदीप सिंह कपूर, विकास पाठक, गगनदीप सिंगला, राजीव पचार, किरण केंग सिद्धू, दीपक यादव, अमृता दुहन और अजय सिंह राठौड़ शामिल हैं। 

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इंजीनियरिंग छोड़ बने ब्यूरोक्रेट्स 

राजस्थान कैडर में इंजीनियरिंग छोड़ ब्यूरोक्रेसी में आए अफसरों की भी कमीं नहीं है। ऐसे अफसरों की राजस्थान कैडर में बड़ी तादाद है। इंजीनियरिंग छोड़ अफसर बनने वाले IAS अफसरों में सुधांश पंत, तन्मय कुमार, वी श्रीनिवास, अखिल अरोड़ा संदीप वर्मा, नरेश पाल गंगवार, शिखर अग्रवाल, कुलदीप रांका, अजिताभ शर्मा, वैभव गालरिया, रवि जैन, अंबरीश कुमार, टी रविकांत, हेमंत गेरा, कृष्ण कुणाल, पीसी किशन, संदीप वर्मा, भास्कर ए सावंत, राजेश यादव, इंद्रजीत सिंह, अविचल चतुर्वेदी, आशीष मोदी, अजय असवाल, जसमीत सिंह संधू, प्रताप सिंह, अतर आमिल उल शफी खान, प्रकाश राजपुरोहित, नेहा गिरी, विकास सीताराम भाले, भवानी सिंह देथा सहित करीब 99 IAS अफसर शामिल हैं। 

इसी तरह अक्षय गोदारा, अभिषेक सुराणा, प्रतिभा वर्मा, रश्मि रानी, यश चौधरी, भारत जयप्रकाश मीणा, नयन गौतम, भानू शर्मा, रोहित वर्मा, मोहित कासनिया, सोहन लाल, गौरव बुढ़ानिया, कनिष्क कटारिया, उत्साह चौधरी, ऋषभ मंडल, दिव्यांश सिंह, सोनिका कुमारी, ऐश्वर्य प्रजापति, मेघा आनंद, आराधना चौहान, माधव भारद्वाज, अवुला सांईकृष्ण, आशीष कुमार मिरज्ञ, भैंसारे शुभम अशोक, ए निवृत्ति सोमनाथ, ललित गोयल और मोहम्मद जुनैद सहित कई अफसरों में इंजीयरिंग की डिग्री लेने के बाद UPSC क्रेक किया है। 

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वकालत की लेकिन प्रेक्टिस नहीं की 

राजस्थान कैडर में 19 IAS और IPS ऐसे है। जिन्होंने वकालत की डिग्री तो हांसिल की लेकिन कोर्ट में वकालत को पेशे के तौर पर नहीं चुना। ये लोग अफसर बनकर सरकार चलाने में भागीदारी निभा रहे हैं। इनमें IAS छाया सिंह, सुबोध अग्रवाल, श्रद्धा गोमे, संदीप वर्मा, अजय असवाल, भानूप्रकाश एटरू, आकाश तौमर, सिद्धार्थ महाजन, बचनेश अग्रवाल, जोगाराम, संचिता बिश्नोई, आनंदी, रामनिवास मेहता, नलिनी कठौतिया, नम्रता वृष्णि, राजेंद्र सिंह शेखावत, सिद्धार्थ सिहाग, महावीर प्रसाद अनिल अग्रवाल शामिल हैं। 

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वहीं वकालत करने के बाद IPS बनने वालों में तेजस्वनी गौतम, अंशुमान भोमिया, संजय अग्रवाल, सी संतोष कुमार तुकाराम, जोस मोहन, लोकेश सोनवाल, राजेश सिंह, देवेंद्र कुमार बिश्नोई शामिल हैं। 

ब्यूरोक्रेट्स बनने से पहले और बाद में MBA करने वाले अफसर 

राजस्थान कैडर में कई अफसर ऐसे हैं। जिनके पास दो-दो डिग्रियां भी है। राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी में आने से पहले और बाद में MBA करने वाले IAS अफसरों में रवि जैन, राजेंद्र सिंह शेखावत, पुष्पा सत्यानी, सुरेश ओला, भानू शर्मा, ओमप्रकाश बैरवा, नमित मेहता, आशुतोष एटी पेंडेकर, सुबोध अग्रवाल, विकास सीताराम भाले, आनंद कुमार, राजन विशाल, महेंद्र सोनी, माधव भारद्वाज, बालमुकुंद असावा, संदेश नायक, ओमप्रकाश कसेरा, अजय असवाल और पुरषोत्तम शर्मा शामिल हैं।   

वहीं IPS अफसरों में कावेंद्र सिंह सागर, डॉ. महावीर सिंह राणावत, राशि डोगरा, प्रशाखा माथुर, सुष्मित विश्वास, राजेश निर्वाण, अनिल पालीवाल, कालूराज रावत, राजन दुष्यंत, राजश्री राज वर्मा, मृदुल कच्छावा जैसे अफसर शमिल हैं। 

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CA-CS में नहीं दिखी रूचि तो बन गए ब्यूरोक्रेट्स 

राजस्थान कैडर में CA-CS किए हुए ब्यूरोक्रेट्स भी मौजूद है। जिन्होंने इस पेशे को छोड़कर ब्यूरोक्रेसी में अपने कैरियर की राह बनाई। राजस्थान में CA-CS करने वाले अफसरों में IAS नवीन जैन, ओम कसेरा, बचनेश अग्रवाल और नमित मेहता शामिल हैं। वहीं राजस्थान कैडर में IPS अफसरों में CS करने वाले मृदुल कच्छावा ही शामिल है। राजस्थान में तैनात CA करने वाले IPS अफसरों में साल 1992 के बैच के राजेश निर्वाण समेत 2014 के बैच के मृदुल कच्छावा भी शामिल हैं। 

FAQ

1. राजस्थान के प्रमुख ब्यूरोक्रेट्स के शैक्षिक योग्यता क्या हैं?

राजस्थान के ब्यूरोक्रेट्स की शैक्षिक योग्यता में चिकित्सा, इंजीनियरिंग, वकालत, MBA, और CA/CS शामिल हैं। इनमें से कई अफसरों ने अपनी शिक्षा के बाद यूपीएससी परीक्षा पास की और प्रशासनिक सेवाओं में योगदान दिया।

2. राजस्थान में कितने IAS और IPS अफसरों ने डॉक्टरी की डिग्री ली है?

राजस्थान में कई IAS और IPS अफसर हैं जिन्होंने डॉक्टरी की डिग्री ली और बाद में UPSC परीक्षा पास कर ब्यूरोक्रेसी में काम किया है। उदाहरण के तौर पर IAS डॉ. पृथ्वीराज, IPS डॉ. प्रशाखा माथुर और अन्य अफसर शामिल हैं।

3. राजस्थान के अफसरों ने किस प्रकार की डिग्रियां हासिल की हैं?

राजस्थान के अफसरों ने चिकित्सा, इंजीनियरिंग, वकालत, MBA, CA/CS जैसी डिग्रियां प्राप्त की हैं। उन्होंने अपनी शैक्षिक योग्यता का उपयोग सरकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने में किया है।

NOTE- खबर में IAS, IPS और राजस्थान सरकार, ब्यूरोक्रेसी से जुड़े जरूरी कीवर्ड शामिल कर खबर पब्लिश कीजिएगा। 

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