भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला: जांच टीम ने अब तक नहीं दी रिपोर्ट,अफसरों को नोटिस देने की तैयारी

Bharatmala Project Scam: देश की महत्वाकांक्षी भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत छत्तीसगढ़ में किए गए मुआवजा वितरण में फर्जीवाड़े का मामला गंभीर होता जा रहा है। मामले की जांच के लिए बनाई गई चार जांच समितियों को एक महीने में रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन 15 जुलाई 2025 की तय समय-सीमा बीत जाने के बाद भी एक भी समिति ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी। इससे नाराज संभागायुक्त ने अब जांच टीम के अफसरों को नोटिस देने की तैयारी शुरू कर दी है।

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क्या है मामला?

भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में अनियमितताओं और फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आई थीं। दावा-आपत्ति के आधार पर संभागायुक्त ने चार जांच टीमें गठित की थीं, जिन्हें मूल दस्तावेजों, जिम्मेदार अफसरों की सूची और उनकी भूमिका की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी थी।

जांच रिपोर्ट क्यों अटकी?

जांच में जिन राजस्व अफसरों (SDM, तहसीलदार, RI, पटवारी) के नाम सामने आ रहे हैं, उन्होंने रसूखदारों के जरिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट को जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है, ताकि भविष्य की कार्रवाई रोकी जा सके। मंत्रालय पहले ही साफ कर चुका है कि कार्रवाई सिर्फ जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

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जांच की जिम्मेदारी किस पर?

जांच की जिम्मेदारी चार प्रमुख अफसरों को सौंपी गई थी:

  • अपर कलेक्टर: ज्योति सिंह
  • डिप्टी कलेक्टर: उमाशंकर बंदे, निधि साहू, इंदिरा देवहारी

इनके नेतृत्व में 16 अफसरों की 4 टीमें बनाई गई थीं, जिनमें तहसीलदार और अन्य राजस्व अधिकारी भी शामिल थे।

टीमों को यह रिपोर्ट तैयार करनी थी कि:

  • उस समय किन अधिकारियों ने किस क्षेत्र में काम किया?
  • किसने किस प्रकार से मुआवजे का आकलन और वितरण किया?
  • किन पर लापरवाही या अनियमितता के आरोप हैं?

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1️⃣ जांच रिपोर्ट में देरी
भारतमाला प्रोजेक्ट के मुआवजा घोटाले की जांच रिपोर्ट 15 जुलाई तक आनी थी, लेकिन अब तक एक भी समिति ने रिपोर्ट नहीं सौंपी है।

2️⃣ संभागायुक्त की नाराजगी
रिपोर्ट में देरी से संभागायुक्त नाराज हैं और अब जांच अधिकारियों को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है।

3️⃣ जांच टीमों की जिम्मेदारी
चार अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जिनमें अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार जैसे अधिकारी शामिल हैं।

4️⃣ दबाव में जांच प्रक्रिया?
कुछ अधिकारियों पर आरोप है कि रसूखदारों से फोन करवाकर वे जांच रिपोर्ट को टालने की कोशिश कर रहे हैं।

5️⃣ कार्रवाई की चेतावनी
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई होगी; असंतोषजनक जवाब देने पर अफसरों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

 

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आगे क्या होगा?

संभागायुक्त टीम लीड अफसरों को नोटिस जारी करने की तैयारी में हैं। उनसे पूछा जाएगा कि तय समय में रिपोर्ट क्यों नहीं दी गई? संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

अब तक का घटनाक्रम:

घटना तिथि
जांच समिति का गठन 15 जून 2025
रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2025
बनी जांच टीमें 4 टीमें, 16 अफसर
प्राप्त रिपोर्ट अब तक एक भी नहीं

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