राजस्थान की बारिश ने तोड़ा 60 साल का रिकॉर्ड, 260 बांध ओवर फ्लो, अगस्त में भी जोरदार बारिश की उम्मीद

राजस्थान में इस मानसून सीजन में बारिश ने सभी को चौंका दिया है। जहां पूरे देश में मानसून का प्रभाव देखा गया, वहीं राजस्थान ने इस बार अपने औसत बारिश रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।

1 जून से लेकर 31 जुलाई तक, राजस्थान लद्दाख के बाद सबसे ज्यादा औसत बारिश वाले राज्यों में से एक बन गया है। इस सीजन की बारिश में प्रदेश के 693 बांधों में से 2 अगस्त की स्थिति में 260 बांध ओवर फ्लो हो चुके है तो 297 भी आंशिक रूप से भर चुके है। ऐसे हालात प्रदेश में 60 साल बाद देखने को मिले है।

बारिश के मामले में देश में दूसरा स्थान

इस सीजन की बारिश की बात की जाए तो राजस्थान पर सभी मैदानी राज्यों की तुलना में इंद्रदेव कुछ ज्यादा ही मेहरबान रहे है। देश में एक जून से 31 जुलाई के बीच हुई बारिश में इस बार पहाड़ी राज्य लद्दाख के बाद सबसे अधिक बारिश राजस्थान में दर्ज की गई है। बारिश के आंकड़ों में तीसरे नंबर पर मध्यप्रदेश, चाैथे पर झारखंड और पांचवे नंबर पर हरियाणा है। 

33 में से 18 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

राजस्थान के विभिन्न जिलों में इस बार लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। 31 जुलाई तक, राज्य के 33 जिलों में से 18 जिलों ने मानसून सीजन की बारिश का कोटा पूरा कर लिया। इनमें अजमेर, कोटा, जयपुर और बीकानेर संभाग के कई जिले शामिल हैं। यह वर्षा राज्य के लिए खुशी की बात है, क्योंकि अधिकांश बांध ओवरफ्लो हो गए हैं और पानी का स्तर बढ़ने से जल आपूर्ति में भी सुधार हुआ है। 

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राजस्थान में रिकॉर्ड तोड़ बारिश को आंकड़ों में ऐसे समझें 

 

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Photograph: (the sootr)

 

राजस्थान में मानसून की जबरदस्त बारिश: इस मानसून सीजन में राजस्थान ने लद्दाख के बाद सबसे ज्यादा औसत बारिश रिकॉर्ड की, जिसमें 33 जिलों में से 18 जिलों ने मानसून का कोटा पूरा किया।

बारां में सबसे ज्यादा बारिश: बारां जिले में इस सीजन में 1101.6 मिमी बारिश हुई, जो औसत से 32% ज्यादा है, जबकि पूरे मानसून सीजन में यहां औसतन 832 मिमी बारिश होती है।

ओवरफ्लो बांध: बीसलपुर, कोटा बैराज, जवाहर सागर जैसे प्रमुख बांध ओवरफ्लो हो गए, और 693 में से 260 बांध पूरी तरह से भर गए हैं।

मौसम विभाग का भविष्यवाणी: अगस्त में राजस्थान में औसत से अधिक बारिश की संभावना है, विशेष रूप से कोटा, जयपुर, अजमेर, और भरतपुर में, जबकि बीकानेर और उदयपुर में कम बारिश हो सकती है।

येलो अलर्ट: 3 अगस्त को राजस्थान के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया, जिसमें भरतपुर, जयपुर, सीकर और चूरू शामिल हैं।

बारां में हुई सबसे ज्यादा बारिश

राजस्थान के बारां जिले में सबसे अधिक बारिश हुई है। जहां सामान्य मानसून सीजन में औसतन 832 मिमी बारिश होती है, वहीं इस साल अब तक 1101.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह 32% ज्यादा बारिश है, जो राज्य के लिए एक रिकॉर्ड है।

अन्य जिलों में स्थिति

  • हनुमानगढ़, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर और कोटा में भी भारी बारिश हुई है।

  • जयपुर, भरतपुर और भीलवाड़ा सहित अन्य जिलों में भी मानसून ने अच्छा प्रदर्शन किया है, और अधिकांश स्थानों पर बारिश का कोटा पूरा हो गया। 

693 में से 260 बांध हुए ओवरफ्लो 

राजस्थान में भारी बारिश के कारण जलाशयों और बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। राज्य के प्रमुख बांध जैसे बीसलपुर, कोटा बैराज और जवाहर सागर के गेट खोलने पड़े क्योंकि इनका जल स्तर बढ़ गया था। इस वर्ष अब तक, 693 में से 260 बांध (37.51%) पूरी तरह से भर चुके हैं, जबकि 297 बांध आंशिक रूप से भरे हैं।

ओवरफ्लो बांध:

  • बीसलपुर, राणा प्रताप सागर, कालीसिंध और जवाहर सागर जैसे प्रमुख बांधों में पानी ओवरफ्लो हो चुका है।

  • छोटे बांध और एनीकट भी ओवरफ्लो हो गए हैं, जिससे जलप्रवाह की स्थिति में वृद्धि हुई है। 

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बारिश के कारण: क्यों हो रही है ज्यादा बारिश?

मौसम विभाग केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, इस बार मानसून ने राज्य में समय से पहले प्रवेश किया था, और बारिश लगातार सक्रिय रही है। मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) का असर भी इस वर्ष ज्यादा सक्रिय रहा। मानसून ट्रफ के सामान्य रूप से सक्रिय रहने से राज्यों में अच्छी बारिश हुई, जिसमें राजस्थान प्रमुख था।

मानसून ट्रफ का प्रभाव

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून ट्रफ का सामान्य स्थिति में बने रहना बारिश के लिए प्रमुख कारण रहा। मानसून ट्रफ जब उत्तर की तरफ शिफ्ट होती है तो पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश होती है। लेकिन इस बार, ट्रफ सामान्य स्थिति में रही, जिससे राजस्थान, मध्य प्रदेश और अन्य कोर-जोन राज्यों में भारी बारिश हुई। 

अगस्त में भी जोरदार बारिश की भविष्यवाणी

राजस्थान मौसम केंद्र का कहना है कि अगस्त के महीने में राजस्थान (Rajasthan weather) में औसत से अधिक बारिश होने का अनुमान है। खासकर कोटा, जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग में भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, बीकानेर और उदयपुर जैसे कुछ इलाकों में औसत से कम बारिश हो सकती है।

येलो अलर्ट और भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने 3 अगस्त को राजस्थान के 11 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भरतपुर, जयपुर, सीकर और चूरू प्रमुख हैं। साथ ही, इन क्षेत्रों में मेघगर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।  राजस्थान मौसम अपडेट

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