जिसे मिली एटीएम में कैश लोड करने की जिम्मेदारी, उसी ने छतरपुर में लूट लिए 61 लाख रुपए

मध्यप्रदेश के छतरपुर (Chhatarpur) जिले में एक बहुत बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। यहां एटीएम में कैश लोड करने वाले एक व्यक्ति और उसके तीन भाइयों ने मिलकर 61 लाख रुपए की लूट की। इस लूट के मास्टरमाइंड मनीष अहिरवार (Manish Ahirwar) थे। इन्होंने अपने दो सगे भाई पुष्पेंद्र और प्रदीप के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और लूटी गई राशि भी बरामद कर ली है।

जानें कैसे हुई छतरपुर में लूट

14 अगस्त को मनीष और उसके ड्राइवर रामबाबू (Driver Rambabu) को लेकर कार में 61 लाख रुपए लेकर छतरपुर के लिए निकल पड़े थे। हालांकि, ड्राइवर को इस योजना की जानकारी नहीं थी। मनीष ने उसे कार न चलाने की सलाह दी।

इस दौरान उसके भाई प्रदीप, पुष्पेंद्र और मामा के लड़के रवि ने बाइक पर उनका पीछा किया। जैसे ही कार गौरिहार (Gaurihar) के चितहरी तिराहे (Chithari Tiraha) पर पहुंची, बाइक सवार आरोपियों ने कार को रोका और कट्टा (illegal weapon) दिखाकर ड्राइवर को धमकाया। धमकाने के बाद, उन्होंने कार में रखा 61 लाख रुपए लेकर फरार हो गए।

जानें क्या थी लूट की वजह…

मनीष अहिरवार, जो कि हितार्थ कंपनी (Hitarth Company) का फ्रेंचाइजी संचालक था, पर 13 एटीएम में कैश लोड करने का जिम्मा था। उस पर एक्सिस बैंक (Axis Bank) का 53 लाख रुपए का कर्ज था। भारत वन एटीएम (India One ATM) के साथ उसका 17 लाख रुपए का विवाद चल रहा था। इन समस्याओं से उबरने के लिए मनीष ने अपने भाई और मामा के लड़के के साथ मिलकर इस लूट की साजिश रची।

छतरपुर में 61 लाख रुपए की लूट मामले पर एक नजर

  • छतरपुर में एटीएम में कैश लोड करने वाले मनीष अहिरवार और उसके तीन भाइयों ने 61 लाख रुपए की लूट की योजना बनाई।

  • 14 अगस्त को मनीष और उसके ड्राइवर के साथ कार में 61 लाख रुपए लेकर निकले, जबकि बाइक सवार आरोपियों ने उन्हें रास्ते में रोककर धमकाया और लूट को अंजाम दिया।

  • मनीष पर 53 लाख रुपए का बैंक कर्ज और 17 लाख रुपए का एटीएम कंपनी से विवाद था, जिसके कारण उसने अपने भाइयों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।

  • पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के जरिए मनीष और अन्य आरोपियों को पकड़ा और घटना स्थल से उनकी लोकेशन मिलाई।

  • पुलिस ने 61 लाख रुपए, एक अवैध कट्टा, मोबाइल फोन, कार और बाइक बरामद की, और सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने मोबाइल लोकेशन से पकड़ा

पुलिस ने इस मामले में संदेह के घेरे में मनीष अहिरवार को रखा और उससे पूछताछ की। मनीष ने पहले अपना नाम मनीष परिहार बताया, लेकिन पुलिस की जांच में उसे पकड़ा गया। पुलिस ने पाया कि घटना स्थल पर चारों आरोपियों की लोकेशन एक साथ मिली थी। इसके अलावा, मनीष के पास पहले से 53 लाख रुपए का कर्ज था, और एक अन्य कंपनी में 17 लाख रुपए की हेराफेरी का मामला भी चल रहा था।

लूट की रकम और अन्य सामग्री की बरामदगी

पुलिस ने चारों आरोपियों से 61 लाख रुपए की लूटी हुई रकम, एक अवैध 315 बोर का कट्टा, पांच मोबाइल फोन, कार और बाइक बरामद की है। आरोपी प्रदीप अहिरवार पर पहले से लूट, चोरी और रेप (Rape) के पांच मामले दर्ज हैं।

आरोपी की गिरफ्तारी पर पहले से इनाम घोषित

आईजी सागर जोन ने आरोपी प्रदीप अहिरवार की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। और अब पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इससे न केवल लूट की रकम बरामद हुई, बल्कि एक जघन्य अपराध की साजिश को भी सफलतापूर्वक नाकाम किया गया है।

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