सागर में एमपी सरकार का तगड़ा एक्शन, देवरी में BJP की नपा अध्यक्ष नेहा जैन को पद से हटाया

मध्यप्रदेश के सागर जिले से एक अहम खबर आई है। देवरी नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन को भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप में पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सरकार ने की है। 25 अगस्त 2025 को आदेश जारी कर कहा गया कि लगाए गए चार आरोपों में से तीन सही पाए गए हैं।

भाजपा के पार्षदों ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

नेहा जैन, जो भाजपा के टिकट पर चुनी गई थीं, पर उनके ही पार्टी के पार्षदों ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। मुख्य आरोपों में मस्टर पर कर्मचारियों और आपरेटरों की भर्ती, गलत तरीके से एसी की खरीदी और परिषद के पीआईसी को गलत तरीके से भंग करना शामिल था। भाजपा के 12 पार्षदों में से 9 ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया था।

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सरकार की जांच और कार्रवाई

शासन ने इस मामले की जांच के लिए भौतिक सत्यापन, निरीक्षण और व्यक्तिगत सुनवाई की प्रक्रिया अपनाई। जांच में पुष्टि हुई कि नेहा जैन ने अपनी कार्यप्रणाली में नियमों का उल्लंघन किया और परिषद के हित में अपने दायित्वों का ठीक से पालन नहीं किया।

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3 पॉइंट्स में समझें क्यों हटाई गईं नेहा जैन

👉 देवरी नपा अध्यक्ष नेहा जैन पर उनके ही पार्टी के भाजपा पार्षदों ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। आरोपों में मस्टर पर कर्मचारियों और आपरेटरों की भर्ती, गलत तरीके से एसी की खरीदी और परिषद के पीआईसी को गलत तरीके से भंग करने का आरोप था।

👉 मध्यप्रदेश सरकार ने देवरी नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन को भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप में पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई 25 अगस्त 2025 को की गई, जिसमें चार आरोपों में से तीन सही पाए गए थे।

👉 देवरी के भाजपा विधायक बृजबिहारी पटेरिया ने भी इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पार्टी के पार्षदों के साथ मिलकर नगर पालिका अध्यक्ष की कार्यप्रणाली के खिलाफ शिकायत की थी।

विधायक बृजबिहारी पटेरिया की भूमिका

देवरी के बीजेपी विधायक बृजबिहारी पटेरिया भी इस मामले में सक्रिय थे। उन्होंने पार्टी के पार्षदों के साथ मिलकर नगर पालिका अध्यक्ष की कार्यप्रणाली के खिलाफ शिकायत की थी। इसके बाद उन्होंने यह मामला मुख्यमंत्री और नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पास भी भेजा था।

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पद से हटाने का आदेश

एमपी सरकार ने आरोपों की जांच के बाद 25 अगस्त 2025 को नेहा जैन को पद से हटा दिया। यह आदेश मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 41-A के तहत जारी किया गया।

FAQ

पद से क्यों हटाया गया नेहा जैन को?

नेहा जैन को भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों के कारण पद से हटाया गया। उनके खिलाफ चार आरोप लगाए गए थे, जिनमें से तीन सही पाए गए।

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