रसूख की हनक : सांसद ने घर बुलाकर डांटा! एम्स जोधपुर अधीक्षक ने दिया इस्तीफा

राजस्थान में जोधपुर स्थि​त अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS Jodhpur) में एक अप्रत्याशित घटना घटी, जब अस्पताल के अधीक्षक डॉ. महेश देवनानी ने अचानक इस्तीफा दे दिया। इस घटना ने पूरे चिकित्सा समुदाय को चौंका दिया है। सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री की पत्नी के इलाज के विवाद के कारण दिया गया। The Sootr के इस लेख में हम इस विवाद की गहराई से पड़ताल करेंगे और जानेंगे कि क्यों डॉ. महेश देवनानी ने इस्तीफा देने का निर्णय लिया। हम इस मुद्दे की जड़ में छिपे कारणों को समझने की कोशिश करेंगे और यह भी जानेंगे कि एम्स प्रशासन ने इस मामले पर क्या कदम उठाए हैं।

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जोधपुर एम्स अधीक्षक डॉ. महेश देवनानी का अचानक इस्तीफा

एम्स के अधीक्षक डॉ. महेश देवनानी का इस्तीफा एक बड़ी सुर्खी बन गया है। हालांकि, इस्तीफा एम्स के प्रेसिडेंट को भेजा गया था, लेकिन इस फैसले के पीछे की पूरी स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई थी। जब डॉ. देवनानी और एम्स प्रशासन से इस्तीफे का कारण पूछा गया, तो दोनों ने ही इस मामले पर चुप्पी साधे रखी। यह स्थिति तब और पेचीदा हो गई जब इस विवाद की तह में जाने पर पता चला कि इस इस्तीफे के पीछे एक सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री की पत्नी के इलाज से जुड़ी घटना है।

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AIIMS Jodhpur Photograph: (The Sootd)

सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री की पत्नी का इलाज विवाद

सूत्रों के अनुसार 14 अगस्त को एक सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री की पत्नी को एम्स में इलाज के लिए लाया गया। सांसद की पत्नी को निशुल्क चिकित्सा सुविधा की उम्मीद थी, लेकिन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. महेश देवनानी ने निशुल्क इलाज देने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, उन्होंने मरीज के इलाज से संबंधित कागजी कार्यवाही में भी देरी की।

उन्होंने अस्पताल के नियमों का हवाला देते हुए इलाज के लिए आवश्यक कागजी कार्यवाही में देरी की थी। बताया जा रहा है कि डॉ. देवनानी ने कहा कि एम्स में इलाज के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया होती है, और यह नियम सभी के लिए समान होते हैं। सांसद और उनके परिवार के सदस्यों के इलाज में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जा सकती।

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सांसद ने एम्स जोधपुर अधीक्षक को घर बुलाकर डांटा

इस घटना के बाद सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने काफी नाराजगी जाहिर की। सूत्रों के अनुसार, सांसद ने एम्स अधीक्षक डॉ. महेश देवनानी को घर बुलाया और उन्हें कड़ी फटकार लगाई। सांसद ने डॉ. देवनानी को नियमों की जानकारी दी और कहा कि वह यह समझने में असमर्थ हैं कि सांसद के परिवार के सदस्य को एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इलाज की सुविधा क्यों नहीं मिल सकती।

इस घटना के बाद यह साफ हो गया कि विवाद बहुत बढ़ चुका था और इसका असर डॉ. महेश देवनानी पर पड़ा। उन्होंने इस विवाद से निजात पाने के लिए इस्तीफा देने का फैसला किया। हालांकि, इस फैसले से एम्स के अन्य अधिकारी और डॉक्टर हैरान थे, क्योंकि डॉ. महेश देवनानी को एक सक्षम और कड़ी मेहनत करने वाले अधीक्षक के रूप में जाना जाता है। एम्स जोधपुर अधीक्षक इस्तीफा चर्चा में है।

एम्स जोधपुर क्या है?

  • स्थापना: एम्स जोधपुर की स्थापना 2004 में की गई थी, जिसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना था।

  • पहला बैच: 2012 में एमबीबीएस का पहला बैच 50 छात्रों के साथ शुरू हुआ।

  • शिक्षा और पाठ्यक्रम

    • यह संस्थान एमबीबीएस, बीएससी नर्सिंग, एमडी, एमएस, और एमडीएस जैसे कई प्रमुख पाठ्यक्रम प्रदान करता है।

    • एमबीबीएस में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में अच्छे अंक प्राप्त करना जरूरी है।

  • मुख्य विशेषताएँ

    • एकीकृत रोगी देखभाल: यहां चिकित्सा शिक्षा, रोगी देखभाल और अनुसंधान को एक साथ जोड़ा जाता है।

    • सुविधाएँ: संस्थान में अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

    • सार्वजनिक स्वास्थ्य: एम्स जोधपुर सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • विशिष्ट विभाग

    • एनाटॉमी और फिजियोलॉजी

    • बायोकेमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी

    • कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी

    • सर्जरी (जनरल सर्जरी, न्यूरोसर्जरी)

    • महिला एवं प्रसूति रोग (ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी)

    • बाल रोग और पीडियाट्रिक सर्जरी

    • नेत्र विज्ञान (ऑप्थल्मोलॉजी)

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AIIMS Jodhpur Photograph: (The Sootr)

एम्स प्रशासन जोधपुर ने जारी किए निर्देश

एम्स जोधपुर का सांसद-अधीक्षक विवाद मामले के बाद एम्स प्रशासन ने एक नई दिशा-निर्देश जारी किए। 20 अगस्त को एम्स ने सभी एचओडी (हेड ऑफ डिपार्टमेंट) और डॉक्टरों को एक पत्र भेजा, जिसमें यह निर्देश दिया गया था कि संसद सदस्यों और उनके परिवारों के प्रति उचित शिष्टाचार बरता जाएगा। इस पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि कोई भी सांसद या उनके परिवार का सदस्य इलाज के लिए एम्स में आए, तो उन्हें चिकित्सा सुविधा के संबंध में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

सांसद की पत्नी इलाज विवाद जोधपुर एम्स प्रशासन का यह कदम सांसदों और उनके परिवार के सदस्यों के इलाज को लेकर किए गए विवादों को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम यह भी दर्शाता है कि एम्स प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि अस्पताल की प्रतिष्ठा और कार्यप्रणाली पर किसी भी प्रकार का सवाल न उठे। 

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FAQ

1. एम्स जोधपुर के अधीक्षक डॉ. महेश देवनानी ने क्यों इस्तीफा दिया?

सूत्रों के अनुसार डॉ. महेश देवनानी ने सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री की पत्नी के इलाज के विवाद के कारण इस्तीफा दिया। बताया जा रहा है कि सांसद ने डॉ. देवनानी को घर बुलाकर डांटा था।

2. क्या सांसद ने एम्स अधीक्षक डॉ. देवनानी को घर बुलाया था?

सूत्रों के मुताबिक सांसद ने डॉ. महेश देवनानी को घर बुलाया और उन्हें फटकार लगाई। सांसद ने इस बात पर नाराजगी जताई कि एम्स में उनके परिवार के सदस्य को इलाज में कोई छूट क्यों नहीं दी गई।

3. एम्स जोधपुर प्रशासन ने इस विवाद पर क्या कदम उठाया?

एम्स प्रशासन ने 20 अगस्त को सभी एचओडी और डॉक्टरों को एक पत्र भेजा, जिसमें यह निर्देश दिया गया कि सांसदों और उनके परिवार के सदस्यों के प्रति उचित शिष्टाचार बरता जाएगा।

4. क्या डॉ. महेश देवनानी अभी भी एम्स जोधपुर में काम कर रहे हैं?

हालांकि डॉ. महेश देवनानी ने इस्तीफा दे दिया था, लेकिन वह अभी भी एम्स में काम कर रहे हैं। इस्तीफा देने के बाद भी वह अस्पताल में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह कर रहे हैं।

5. क्या सांसद-अधीक्षक विवाद एम्स की प्रतिष्ठा पर असर डालेगा?

यह विवाद एम्स की प्रतिष्ठा पर असर डाल सकता है, क्योंकि यह घटना अस्पताल के नियमों और प्रबंधन की पारदर्शिता पर सवाल उठाती है। हालांकि, एम्स प्रशासन ने इस पर प्रतिक्रिया दी है और शिष्टाचार बनाए रखने के लिए कदम उठाए हैं।

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