गोवर्धन और गौवंश की पूजा पर्यावरण और पशुधन संवर्धन का देती है संदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सनातन संस्कृति की प्राण हैं गौमाता

राज्य सरकार गौसेवा और गौवंश संरक्षण के लिए हरसंभव सहयोग देने को तत्पर

मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार

राज्य सरकार समाज के साथ मिलकर मना रही है त्यौहार

गौसेवा और गौवंश संवर्धन को समर्पित संस्थाओं का किया गया सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन पूजा कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया संबोधित

सिटी बीट न्यूज नेटवर्क ( भोपाल )।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपोत्सव, गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव की हार्दिक मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि आज पूरे प्रदेश में गोवर्धन पूजा हर्षोल्लास से की जा रही है। हर घर, हर गौ-शाला, हर गांव, वृंदावन है और हम सब गोपाल बन गए हैं। हमारी हर परम्परा और उत्सव में प्रकृति के प्रति आदर और समाज के प्रति उत्तदायित्व समाहित है। गोवर्धन पूजा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। हमारी संस्कृति ने हमें छोटी से छोटी चीज प्रदान करने वालों के प्रति भी आभार करना सिखाया है। आज हम प्रकृति के उसी दाता स्वरूप को प्रणाम कर रहे हैं। आज के दिन गोवर्धन और गौवंश की पूजा कर हम संसार को प्रकृति, पर्यावरण और पशुधन संवर्धन का संदेश देते हैं। यह सनातन संस्कृति की देन है। यह वास्तव में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का उत्सव है। यह हमें स्मरण कराता है कि धरती पर जो भी है, उसके साथ सामंजस्य ही जीवन है। गोवर्धन पूजा ‘जियो और जीने दो’ के विचार और उपलब्ध खाद्य सामग्री एवं संसाधनों को समाज के साथ मिल-बांटकर साझा करने का प्रतीक है। हमारी संस्कृति और परम्पराओं को बचाए रखने की हम सबकी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार द्वारा गोवर्धन पूजा का आयोजन इसी उद्देश्य से किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित गोवर्धन पूजा के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

विश्व, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती की महत्ता को पुन: कर रहा है स्वीकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौमाता सनातन संस्कृति की आत्मा है। गौमाता के दुग्ध से हमारे शरीर को अमृत मिलता है। भगवान श्रीकृष्ण ने गोपालों की सेना बनाकर पशुधन की रक्षा के लिए बृजवासियों को प्रेरित किया। भगवान श्रीकृष्ण ने लोक संस्कृति एवं सामान्य जनजीवन को बनाए रखने के लिए बाल्यावस्था में अद्भुत लीलाओं से समाज को चमत्कृत कर प्रेरित किया। भगवान श्रीकृष्ण के गोपाल स्वरूप में यह संदेश निहित है कि जो गाय पाले वो गोपाल है। गाय के दूध, गोबर और गौ-मूत्र की महिमा अब वैज्ञानिक रूप से सिद्ध होने लगी है। कैंसर जैसी भयंकर बीमारी में भी गौ-उत्पाद प्रभावी हैं, यह भी सिद्ध हुआ है कि गोबर से लिपे घरों पर विकिरण का प्रभाव कम होता है। खेती में गोबर की खाद की महत्ता से सभी लोग परिचित ही हैं। इसी का परिणाम है कि विश्व, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती की महत्ता को पुन: स्वीकार कर रहा है।

सनातन संस्कृति के प्रत्येक त्यौहार में निहित है कई संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परम्पराओं में बेहतर जीवन के कई सूत्र समाहित हैं। योग और आयुर्वेद के सिद्धांत इसी के प्रमाण है। सनातन संस्कृति के प्रत्येक त्यौहार में कोई न कोई संदेश निहित है। राज्य सरकार ने ऐसे त्यौहारों को समाज के साथ मिलकर मनाने की पहल की है, जिन त्यौहारों में संस्कार और संदेश निहित हैं। प्रदेश में समाज के साथ परम्परानुसार मिल-जुलकर त्यौहार मनाने का यह दूसरा वर्ष है। गोवर्धन पूजा फसल कटने और नई फसल की शुरूआत का समय है। इस घड़ी को उत्साह और उल्लास के साथ मनाने से समाज में नई ऊर्जा का संचार होता है। गोवर्धन पर अन्नकूट का आयोजन भी इसी आनंद का भाग है।

गौवंश संरक्षण के लिए समाज भी आए आगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पशुपालन से दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में देश के दुग्ध उत्पादन का 9 प्रतिशत मध्यप्रदेश में होता है, इसे 20 प्रतिशत तक ले जाना हमारा लक्ष्य है। हम मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी उद्देश्य से प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। गौवंश के बेहतर आहार के लिए गौशालाओं को मिलने वाली राशि 20 रूपए से बढ़ाकर 40 रूपए प्रति गौवंश किया गया है। गौशालाओं से दूध के साथ गौ-मूत्र और गोबर की उपलब्धता के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरकार के साथ समाज को भी गोवंश संरक्षण में सहयोग देने के लिए प्रेरित किया। गौवंश संरक्षण सनातन संस्कृति की धारा का सशक्त करने में भी सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जो भी व्यक्ति गौपालन करना चाहता है, गौशाला चलाना चाहता है या गौशाला संचालन में सहयोग करना चाहता है, उन सभी को सहयोग देने के लिए राज्य सरकार तत्पर है।

गोवर्धन पर्वत की मंत्रोच्यार के साथ की पूजा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन पूजा के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में रवीन्द्र भवन में वैदिक मंत्रोच्यारों के बीच गोवर्धन पूजा कर प्रकृति के प्रति मनुष्य के समर्पण को अभिव्यक्त किया। गोवर्धन पर्वत की उपस्थित अतिथियों द्वारा पूजा के बाद आरती भी की गई। इसके पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कार्यक्रम स्थल पर साफा पहनाकर स्वागत किया गया। परंपरागत वाद्य यंत्रों पर झूमते युवाओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अगवानी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौवंश को दुलारा और पशु आहार खिलाया। अन्नकूट की परम्परा के अंतर्गत नया अन्न चढ़ाकर प्रसाद का थाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को 56 भोग का थाल भेंट किया गया।

दुग्ध और जैविक पदाथों की लगी प्रदर्शनी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर दुग्ध और जैविक पदार्थों की प्रदर्शनी तथा विक्रय के लिए लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने स्टॉल संचालकों से चर्चा भी की। पशुपालन-कृषि और सहकारिता विभाग की योजनाओं की प्रदर्शनी तथा दुग्ध उत्पाद और जैविक पदार्थ आदि की प्रदर्शनी व विक्रय केंद्र की व्यवस्था कार्यक्रम स्थल पर की गई थी।

उत्कृष्ठ कार्य करने वाले किये गये सम्मानित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन पूजा के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में गौवंश की सेवा संबंधी उत्कृष्ठ एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया। उन्होंने गौकृपा पंचगव्य आयुर्वेद संस्थान के हुकुमचंद पाटीदार, अखिल विश्व गायत्री परिवार के सूरज परमार, बृजमोहन रामकली गौसंवर्धन केन्द्र के प्रहलाद दास मंगल, महामृत्युंजय गौशाला के बृजेश व्यास तथा केन्द्रीय जेल भोपाल में संचालित श्रीकृष्ण गौशाला का सम्मान भी किया।

पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौवंश संरक्षण और गौसेवा के लिए विभिन्न योजनाएं बनाकर प्रदेश में कार्य आरंभ किया है। सनातन संस्कृति की भावना के अनुरूप मुख्यमंत्री गौसेवा को सम्पूर्ण प्रदेश में व्यापक स्वरूप दे रहे हैं। सभी जिलों में गौशालाओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने गौ-संरक्षण के लिए व्यक्तिगत स्तर पर पहल करने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक विष्णु खत्री, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी सहित बड़ी संख्या में पशुपालक और नागरिक उपस्थित थे।

  • Related Posts

    Roulette ohne Einzahlung Anbieter: Alles, was Sie wissen müssen

    Wenn Sie ein Fan von Online-Roulette sind, haben Sie vielleicht schon von Roulette ohne Einzahlung Anbietern gehört. Diese Art von Roulette ermöglicht es Ihnen, das Spiel zu genießen, ohne Ihr…

    Read more

    „Wasteland Benefits“ pozicijų žaidimai: 100 procentų nemokamas pozicijų žaidimas iš „Playtech“ internete, 2026 m. hitnspin pasveikinimo premija kovas

    Nėra jokios išsamios informacijos hitnspin pasveikinimo premija apie tai, kiek tiksliai pakartotinai suaktyvinančių simbolių galima gauti, todėl šis aspektas turi didelį potencialą vidutinio lygio žaidimuose. Nemokamus sukimus galima suaktyvinti pakartotinai,…

    Read more

    You cannot copy content of this page