‘एक मोबाइल, कई लाभार्थी’, मध्य प्रदेश सरकार का ‘मेरा ई-केवाईसी’ ऐप

BHOPAL. राशन कार्ड से जुड़ी योजनाओं का लाभ अब और भी सरल हो गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने ‘मेरा ई-केवाईसी’ नामक मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है, जो विशेष रूप से राज्य के पात्र राशन हितग्राहियों के लिए डिजाइन किया गया है। इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि अब लाभार्थियों को कहीं लाइन में लगने की ज़रूरत नहीं, सिर्फ एक स्मार्टफोन के जरिए घर बैठे फेशियल ई-केवाईसी की जा सकती है वो भी एक नहीं, पूरे परिवार की।

सिर्फ मध्य प्रदेश के लिए, Android मोबाइल पर ही काम करेगा ऐप

‘मेरा ईकेवाईसी’ एप की सुविधा फिलहाल केवल मध्य प्रदेश के राशन हितग्राहियों के लिए ही उपलब्ध है। यह ऐप केवल एंड्रॉइड मोबाइल फोन पर गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप Android 10 या उससे ऊपर के वर्जन पर ही बेहतर तरीके से काम करता है। ऐप का इस्तेमाल करते समय मोबाइल की लोकेशन ऑन रहना अनिवार्य है, ताकि लाभार्थी की प्रदेश के भीतर उपस्थिति सत्यापित हो सके।

फेस ई-केवाईसी के लिए फेस आरडी ऐप भी जरूरी, आधार से लिंक मोबाइल पास में रखें

फेशियल ई-केवाईसी के लिए ‘फेस आरडी’ नामक एक अतिरिक्त ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य है। बिना इसके ‘मेरा ई-केवाईसी’ ऐप कार्य नहीं करेगा। इस ऐप का लिंक यहां उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा जिस व्यक्ति का ईकेवाईसी होना है, उसके आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर ऑन और पास में होना चाहिए, क्योंकि उसी पर ओटीपी आएगा।

इस तरह करें घर बैठे ई-केवाईसी

1. सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से ‘मेरा ईकेवाईसी’ ऐप और ‘फेस आरडी’ ऐप डाउनलोड करें।

2. ऐप खोलकर भाषा और राज्य (मध्यप्रदेश) का चयन करें।

3. मोबाइल लोकेशन ऑन कर ‘लोकेशन वेरीफाई’ पर क्लिक करें।

4. लाभार्थी का आधार नंबर दर्ज कर OTP जनरेट करें।

5. OTP और कैप्चा कोड दर्ज कर सबमिट करें।

6. अब स्क्रीन पर लाभार्थी का नाम और आधार के अंतिम 4 अंक दिखेंगे।

7. ‘फेस ईकेवाईसी’ पर क्लिक कर अनुमति दें।

8. मोबाइल के फ्रंट कैमरे के सामने लाभार्थी का चेहरा लाएं और दो बार पलक झपकाएं।

9. यदि फ्रेम हरा हो जाता है, तो ईकेवाईसी सफल मान लिया जाएगा और पुष्टि संदेश मोबाइल पर दिखाई देगा।

एक मोबाइल से पूरे परिवार का ई-केवाईसी, बच्चों के लिए विशेष प्रावधान

यह सुविधा केवल लाभार्थी के मोबाइल तक सीमित नहीं है। एक ही मोबाइल फोन से पूरे परिवार , माता-पिता, संतान या अन्य सदस्यों का ईकेवाईसी किया जा सकता है। बच्चों के मामले में यदि वे 5 वर्ष से कम उम्र के हैं, तो ईकेवाईसी नहीं हो पाएगा क्योंकि UIDAI के फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम में इस उम्र के बच्चों के लिए अनुमति नहीं है। ऐसे में उनके डेटा को NIC के माध्यम से संभाला जा रहा है और अलग प्रक्रिया अपनाई जाती है।

डिजिटल क्रांति का नया कदम: गरीबों के लिए टेक्नोलॉजी बनेगी ताकत

सरकार की यह पहल उन गरीब और ग्रामीण हितग्राहियों के लिए राहत लेकर आई है, जो अब तक अपने ईकेवाईसी के लिए साइबर कैफे या दुकानों के चक्कर काटते थे। ‘मेरा ईकेवाईसी’ ऐप उन्हें टेक्नोलॉजी की मदद से आत्मनिर्भर बना रहा है। यह ऐप न केवल समय बचा रहा है, बल्कि सुविधा भी सुनिश्चित कर रहा है।

‘मेरा ईकेवाईसी’ ऐप डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा और मानवीय कदम है। तकनीक का ऐसा सरल और उपयोगी प्रयोग शायद पहली बार देखने को मिल रहा है, जहां एक सामान्य मोबाइल फोन पूरे परिवार के राशन भविष्य को सुनिश्चित कर रहा है। सरकार की इस पहल से लाखों जरूरतमंद लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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