प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिले मुख्यमंत्री साय ने दिखाई छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में शांति व्यवस्था, योजनाओं और उपलब्धियों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को हाल ही में आयोजित सुशासन तिहार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बस्तर का चेहरा बदल रहा है। यहां अब मोबाइल टावर लग रहे हैं, जो संचार और विकास के प्रतीक बन गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले डेढ़ साल में 64 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए हैं। इन कैंपों से बस्तर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। इसके अलावा, 671 मोबाइल टावर चालू कर दिए गए हैं, जिनमें से 365 टावरों में 4G सेवा उपलब्ध है।

बस्तर में डिजिटल क्रांति

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर में सिर्फ मोबाइल टावर ही नहीं लगाए जा रहे हैं, बल्कि यह क्षेत्र डिजिटल दुनिया से जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है। पहले जहां बच्चों को पढ़ाई या नौकरी की तैयारी के लिए शहर जाना पड़ता था, अब वे अपने गांव में ही मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से यह सब कर पा रहे हैं। अब बस्तर का युवा स्मार्टफोन का उपयोग करके अपनी दुनिया खुद बना रहा है।

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बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धि

सुरक्षा कैंपों के इर्द-गिर्द बसे गांवों में अब बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि नियद नेल्लानार योजना में 146 ग्रामों में 18 सामुदायिक सेवाएं और 25 तरह की सरकारी योजनाएं एक साथ लागू की जा रही हैं।

सुशासन तिहार और समाधान शिविरों का आयोजन

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के तहत सैकड़ों समाधान शिविर आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों में सांसदों और विधायकों ने गांव-गांव जाकर जनता की समस्याओं का समाधान किया। इन शिविरों में ग्रामीणों को राशन कार्ड, आधार कार्ड, पेंशन, स्वास्थ्य परीक्षण, स्कूल प्रवेश, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्ज्वला गैस जैसी योजनाओं का लाभ दिया गया।

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जल संरक्षण और नवाचार

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल संकट से निपटने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। इसके तहत जनभागीदारी और तकनीकी उपायों से पानी बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब गांव-गांव में पानी बचाने के नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। पहले पानी बरसकर बह जाता था, अब उसे रोकने और जमा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान में महिलाएं भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। महिला समूह तालाबों की सफाई, गहराई बढ़ाने और पुराने जल स्रोतों को फिर से जीवित करने में मदद कर रहे हैं। इस साझेदारी से गांवों में पानी की कमी को दूर किया जा रहा है और लोग अपने इलाके में ही साफ और पर्याप्त पानी पा रहे हैं।

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नालंदा परिसर और ‘प्रयास’ मॉडल

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नालंदा परिसर की जानकारी भी दी, जो देश की पहली 24×7 हाईब्रिड सार्वजनिक लाइब्रेरी है। इस सुविधा में ई-लाइब्रेरी, यूथ टॉवर, हेल्थ ज़ोन और सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था है। अब तक 11,000 से अधिक छात्र लाभांवित हो चुके हैं। इनमें 300 से अधिक छात्र यूपीएससी और सीजीपीएससी में सफलता प्राप्त कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ मॉडल की भी जानकारी दी, जिसमें वंचित और आदिवासी बच्चों को आईआईटी, नीट, क्लैट जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। अब तक 1508 छात्र राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश पा चुके हैं।

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केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री साय के प्रयासों की सराहना की और छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार के विकास कार्यों में केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी।

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय | पीएम मोदी | अमित शाह

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