केंद्र सरकार ने मात्र 48 घंटे में लिया निर्णय, दो नए जस्टिस सुप्रीम कोर्ट में

नई दिल्ली। एक बेहद तेज और ध्यान आकर्षित करने वाले फैसले में केंद्र सरकार ने दो जजों की नियुक्ति की है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के 48 घंटे के भीतर जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस विपुल पंचोली को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की है।

विधि और न्याय मंत्रालय ने जारी किया नोटिफिकेशन

भारत सरकार की मिनिस्ट्री आफ लॉ एंड जस्टिस ने नियुक्तियों के नोटिफिकेशन जारी कर दिए हैं। वहीं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपनी औपचारिक घोषणा “X” अकाउंट पर की, जिसमें उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 124(2) के तहत, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की सलाह से दोनों जजों की नियुक्ति की मंजूरी दी है । इस नियुक्ति के साथ सुप्रीम कोर्ट अब अपनी पूर्ण स्वीकृत क्षमता यानि 34 जजों के साथ काम करने लगेगा।

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कोर्ट-कॉलेजियम में बनी असहमति

हालाँकि ये नियुक्ति औपचारिक रूप से मंज़ूर हो गई, लेकिन यह पूरी तरह से सहमति जन्य नहीं रही। सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम में शामिल जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने विशेष रूप से जस्टिस पंचोली की नियुक्ति पर असहमति जताई। उनका तर्क था कि उनकी वरिष्ठता (वे 57वें स्थान पर हैं) कम है और इससे क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ सकता है ।।नागरत्ना ने यह भी कहा था कि उनकी नियुक्ति “न्यायपालिका के लिए प्रतिकूल” हो सकती है और इससे कॉलेजियम प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं ।

पटना और बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहे हैं दोनों जज

जस्टिस आलोक अराधे

बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रहे जस्टिस अराधे इससे पहले वे तेलंगाना हाईकोर्ट, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सेवाएं दे चुके हैं। जनवरी 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट के सीजे नियुक्त हुए । कॉलेजियम ने उन्हें 25 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट के लिए सुझाया था और 27 अगस्त को केंद्र ने उनकी नियुक्ति कर दी ।

जस्टिस विपुल पंचोली

वे गुजरात हाई कोर्ट के जज रहे और जुलाई 2023 में पटना हाई कोर्ट में ट्रांसफर हुए, फिर जुलाई 2025 में वहां के चीफ जस्टिस बने । इन्हें भी कॉलेजियम ने 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के लिए सुझाया था और 27 अगस्त को केंद्र ने मंजूरी दी । अगर वरिष्ठता का क्रम जाना जाए, तो वे अक्टूबर 2031 में देश के चीफ जस्टिस बने सकते हैं। जो यह बताता है कि उनकी नियुक्ति भविष्य की स्थिति में महत्वपूर्ण प्रभाव रखती है।

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पटना और बॉम्बे हाईकोर्ट में नियुक्त हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस 

भारत सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एंड जस्टिस ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए पटना और बॉम्बे हाई कोर्ट में भी एक्टिंग चीफ जस्टिस पदस्थ किये हैं। पटना हाईकोर्ट में जस्टिस पी बी बंजंथरी को एक्टिंग चीफ जस्टिस बनाया गया है तो बॉम्बे हाईकोर्ट में जस्टिस चंद्रशेखर एक्टिंग चीफ जस्टिस के रूप में काम करेंगे।

केंद्र सरकार का यह कदम कोलेजियम की सिफारिश के दो दिनों में नियुक्ति सीधे तौर पर न्यायिक प्रक्रिया की तेजी और सक्रियता को दर्शाता है। वहीं, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की असहमति इस निर्णय में पारदर्शिता और प्रतिनिधित्व की संवेदनशीलता पर जारी बहस को और तेज कर देती है।

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