बीएल संतोष ने कार्यकारिणी की घोषणा को लेकर रखी अपनी बात, पद न मिलने पर एक नेता ने नर्मदा में लगाई छलांग

बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने सोमवार (1 सितंबर) को राजधानी भोपाल में  प्रदेश संगठन और सरकार के कामकाज को लेकर फीडबैक लिया। इसके लिए उन्होंने कई मंत्रियों, विधायकों और नेताओं से बंद कमरे में मुलाकात की। साथ ही, उन्होंने सुबह सीएम आवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। बता दें कि, एमपी में बीजेपी की नई कार्यकारिणी और राज्य के निगम-मंडलों में नियुक्तियों की कवायद तेज है। ऐसे में बीएल संतोष का दौरा कई मायनों में खास है। 

इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक चलने वाली बीजेपी के सेवा पखवाड़े की तैयारियों का जायजा लिया। इसके लिए सोमवार दोपहर 12 बजे उन्होंने पार्टी प्रदेश कार्यालय में प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद सहित अन्य प्रदेश पदाधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। 

तीन बीजेपी नेताओं से वन-टू-वन मुलाकात

बीएल संतोष ने कार्यकारिणी और सभी 62 जिलों की कार्यकारिणी का गठन सितंबर महीने के अंत तक पूरा करने को कहा है। बता दें कि, सोमवार के दिन ही उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा, पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और सीधी विधायक रीती पाठक से वन-टू-वन चर्चा की। साथ ही, संतोष ने आरएसएस के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की और उनका फीडबैक लिया। 

इस दौरान आलोट विधायक डॉ. चिंतामण मालवीय भी महामंत्री बीएल संतोष से मिलने पार्टी कार्यलय पहुंचे। लेकिन 45 मिनट के लंबे इंतजार के बाद वह चले गए। बता दें कि, मुलाकात के लिए किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा था। लेकिन उनकी राष्ट्रीय महामंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि, बाद में बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनी।

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गिरीश गौतम के बेटे ने दिया उपाध्यक्ष से इस्तीफा

बता दें कि, पिछले दो दिनों में बीजेपी 6 जिलों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान कर चुकी है। इस बीच राज्य से कई तरह के रुझान भी सामने आने लगे हैं। इसमें मऊगंज जिले में जिला उपाध्यक्ष बनाए गए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और मौजूदा विधायक गिरीश गौतम के बेटे राहुल गौतम ने नियुक्ति के बाद इस्तीफे की पेशकश कर दी।

उनके खिलाफ स्थानीय स्तर पर काफी विरोध देखने को मिल रहा है। ऐसे में राहुल गौतम ने प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने कहा कि संगठन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हैं। लेकिन पद सीमित हैं। आपने मुझ पर भरोसा जताया है। इसके लिए मैं आभारी हूं। लेकिन इस जिम्मेदारी को किसी अन्य कार्यकर्ताओं कोे सौंपने की आवश्यकता है। इस पर विचार किया जाए।

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देवास से महामंत्री रहे नर्मदा नदी में लगाई छलांग

इधर, कार्यकारिणी में घोषणा होने के बाद देवास जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां से अभी तक महामंत्री पद  पर बने रहे पोपेंदर सिंह बग्गा ओंकारेश्वर रोड पर मौजूद मोरटक्का ब्रिज से नर्मदा नदीं में कूद गए। दरअसल, बग्गा को भरोसा था कि एक बार फिर उन्हें पार्टी पद मिलेगा। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। जिसके बाद उन्होंने नर्मदा नदी में छलांग लगा दी। गनीमत रही कि उन्हें नर्मदा नदी के किनारे नाव में पबजी गेम खेल रहे युवकों ने बचा लिया। हालांकि, बाद में पता चला कि 60 साल के बग्गा भी तैरना जानते थे। लेकिन उन्होंने पार्टी का विरोध करने के लिए नदी में छलांग लगा दी। 

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गौरतलब है कि, बीते दो दिनों में बीजेपी की ओर से 6 जिलों की कार्यकारिणी घोषणा की गई है। रविवार को हरदा, देवास, मऊगंज और सागर ग्रामीण की कार्यकारिणी घोषित की गई थी। इसके बाद सोमवार को बैतूल और सीधे जिले की कार्यकारिणी पर फाइनल मुहर लगी। 

FAQ

बीएल संतोष ने भोपाल में क्या किया?

बीएल संतोष ने भोपाल में पार्टी के प्रदेश संगठन और सरकार के कामकाज का फीडबैक लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की और इसके बाद पार्टी के सेवा पखवाड़े की तैयारियों पर चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने 62 जिलों की कार्यकारिणी का गठन सितंबर अंत तक पूरा करने की बात की।

मऊगंज में राहुल गौतम ने इस्तीफा क्यों दिया?

मऊगंज जिले में जिला उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त राहुल गौतम ने स्थानीय स्तर पर विरोध के बाद इस्तीफे की पेशकश की। उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को पत्र लिखकर कहा कि संगठन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हैं, लेकिन पद सीमित हैं और यह जिम्मेदारी किसी अन्य कार्यकर्ता को सौंपने की आवश्यकता है।

देवास जिले में बग्गा ने नर्मदा नदी में क्यों छलांग लगाई?

देवास जिले के पोपेंद्र सिंह बग्गा ने पार्टी में फिर से पद मिलने की उम्मीद की थी, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ, तो उन्होंने पार्टी के फैसले के विरोध में नर्मदा नदी में छलांग लगाने का फैसला किया। गनीमत रही कि उन्हें नदी में कूदने के बाद युवकों ने बचा लिया।

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बीएल संतोष की मीटिंग | रीति पाठक | वीडी शर्मा | एमपी बीजेपी | मुख्यमंत्री मोहन यादव

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