पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, मंदिर-मस्जिद में बजे राष्ट्रगीत, 170 किमी हिंदू यात्रा का किया ऐलान

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 7 से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ निकालने की घोषणा की है। यह यात्रा 170 किमी लंबी होगी।

यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म के अनुयायियों को एकजुट करना है। शास्त्री ने धार्मिक स्थलों पर राष्ट्रीय गीत बजाने, मांस-मदिरा की बिक्री पर रोक और यमुना शुद्धिकरण पर ध्यान देने का प्रस्ताव रखा है। इस यात्रा को लेकर देशभर में उत्साह है।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की यात्रा का उद्देश्य

बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ के बारे में कहा कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि एक वैचारिक आंदोलन है।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह यात्रा सनातनियों को एकजुट करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, धार्मिक मर्यादाओं और राष्ट्रीयता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। शास्त्री ने इस यात्रा को लेकर यह भी कहा कि जब तक मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण विराजमान नहीं हो जाते, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

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पं. धीरेंद्र शास्त्री ने बताया राष्ट्रीय गीत का महत्व

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयान में कहा कि राष्ट्रीय गीत केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह हमारे देशप्रेम और एकता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि जब मंदिरों और मस्जिदों में राष्ट्रीय गीत बजाया जाएगा, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन अपनी मातृभूमि से सच्चा प्रेम करता है और कौन नहीं। उनका मानना है कि यह कदम भारतीयता की भावना को और मजबूत करेगा।

सनातन हिंदू एकता पदयात्रा की योजना

यह पदयात्रा 7 नवंबर को दिल्ली से शुरू होकर 16 नवंबर को वृंदावन पहुंचेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु और समर्थक बड़े संख्या में भाग लेंगे। यात्रा का समापन वृंदावन के श्री ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के बाद होगा। यात्रा को लेकर आयोजकों का दावा है कि यह यात्रा एक ऐतिहासिक घटना होगी, जिसे पहले कभी नहीं देखा गया और न ही सुना गया है।

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धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के उद्देश्य

यात्रा का मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और राष्ट्रवाद को प्रोत्साहित करना भी है। शास्त्री ने कहा कि उनकी यात्रा ब्रज क्षेत्र में मांस-मदिरा की बिक्री पर रोक लगाने, यमुना के पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने और धार्मिक स्थलों पर राष्ट्रगीत गूंजने जैसे मुद्दों को उठाएगी।

यात्रा में समर्थन और जनभागीदारी की अपील

यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं और देशभक्तों के भाग लेने की उम्मीद जताई जा रही है। शास्त्री ने कहा कि यह यात्रा इतनी विशाल होगी कि न तो पहले कभी ऐसी यात्रा देखी गई है और न ही सुनी गई है। यह एक प्रकार से एक विशाल धार्मिक और राष्ट्रीय आंदोलन होगा जो पूरे देश में सनातन धर्म और भारतीयता को मजबूती से प्रकट करेगा।

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साधु-संतों का समर्थन

इस यात्रा की योजना और रूपरेखा को लेकर वृंदावन स्थित कृष्ण कृपा धाम आश्रम में एक बैठक आयोजित की गई थी। इसमें 200 से अधिक साधु-संत और महंत शामिल हुए थे। बैठक में यात्रा के अनुशासन और धार्मिक मर्यादाओं के बारे में चर्चा की गई और यात्रा को सफल बनाने के उपायों पर विचार किया गया।

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