भोपाल AIIMS से राहत भरी खबर! आंखों की जांच के लिए अब नहीं करना होगा लंबा इंतजार

भोपाल एम्स ने नेत्र विभाग में दो नई रिफ्रेक्शन यूनिट्स शुरू की हैं। दरअसल पहले एम्स में केवल चार यूनिट्स द्वारा आंखों की जांच की जा रही थी।  मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण एक ही दिन में सभी मरीजों की जांच करना संभव नहीं हो पा रहा था। इन नई यूनिट्स के माध्यम से जांच की गति और गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे मरीजों को समय पर परामर्श और उपचार मिल सकेगा।

मरीजों के लिए राहत

पहले नेत्र रोगियों को अपनी जांच के लिए एक से दो दिन तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च और अवधि में रुकने की परेशानी होती थी। दूरदराज से आने वाले मरीजों को विशेष रूप से यह समस्या अधिक होती थी। अब, इन नई रिफ्रेक्शन यूनिट्स की शुरुआत के बाद, मरीजों को समय पर और तेज़ी से जांच मिल सकेगी।

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नई यूनिट्स और टीम

भोपाल एम्स में अब कुल 6 रिफ्रेक्शन यूनिट्स हो गई हैं, जिनमें से दो नई यूनिट्स ट्रामा ओपीडी के पास स्थित हैं। तीन नए रिफ्रेक्शनिस्ट (आंखों की जांच करने वाले टेक्नीशियन) के साथ कुल 8 सदस्यीय टीम ने कार्यभार संभाल लिया है। इन यूनिट्स का उद्देश्य मरीजों को अधिक सुविधाजनक और त्वरित सेवाएं प्रदान करना है। इन यूनिट्स में दृष्टि परीक्षण, चश्मे और कॉन्टैक्ट लेंस की सलाह, कॉर्निया टोपोग्राफी और हेस स्क्रीनिंग जैसी महत्वपूर्ण जांचें की जाती हैं।

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मरीजों को मिलेगा तत्काल इलाज

एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक डॉ. अजय सिंह ने कहा, नई रिफ्रेक्शन यूनिट्स से मरीजों की प्रतीक्षा अवधि में कमी आएगी। यह यूनिट्स नेत्र जांच की गुणवत्ता और दायरे को भी बढ़ाएंगी। इससे मरीजों को तत्काल इलाज मिलेगा और एम्स की सेवाओं में सुधार होगा। इन नई यूनिट्स से अब नेत्र विभाग के मरीजों को त्वरित और उच्च गुणवत्ता वाली जांच सेवाएं मिलेंगी। यह कदम एम्स भोपाल के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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