NCERT की नई किताब में बाबर की बर्बरता, नरसंहार का इतिहास पढ़ेंगे 8वीं के छात्र

NCERT ने 2025-26 सत्र के लिए कक्षा 8वीं की पॉलिटिकल साइंस किताब में बदलाव किए हैं। अब छात्रों को मुगलों के शासनकाल के दौरान उनकी क्रूरता और अत्याचार को एक साथ पढ़ाया जाएगा। बाबर, अकबर और औरंगजेब के शासन के अंधेरे पक्ष पर ध्यान दिया जाएगा।

मुगलसें के इतिहसय को किया बैलेंस्ड 

नई किताब में मुगलों के इतिहास को एक बैलेंस्ड तरीके से पेश किया गया है। इस किताब में बाबर, अकबर और औरंगजेब के शासनकाल को न केवल उनकी कला, संस्कृति, और बुद्धिमत्ता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, बल्कि उनकी क्रूरता, नरसंहार, और धार्मिक हिंसा को भी उजागर किया गया है।

ये खबर भी पढ़ें: 

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला, 74 बच्चों को स्कूलों में फिर मिलेगा प्रवेश, आरटीई के तहत मिली बड़ी राहत

बाबर की क्रूरता और खोपड़ियों का टावर

नई किताब में बाबर को कविता, वास्तुकला और प्रकृति प्रेमी के रूप में दर्शाया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि बाबर ने शहरों को लूटा और महिलाओं और बच्चों को गुलाम बनाया। बाबर का सबसे चर्चित कृत्य था “खोपड़ियों का टावर”, जो उसने युद्धों में अपने दुश्मनों की खोपड़ियों से बनवाया था। यह सब बाबर की आत्मकथा “बाबरनामा” से लिया गया है।

ये खबर भी पढ़ें: 

बच्चे को भेजना है विदेश तो ऐसे चुनें बेस्ट कंट्री, इस तरह करें पैसों को सुपर-मैनेज

अकबर: नागरिकों के साथ क्रूरता 

अकबर के बारे में किताब में दोनों पहलुओं को बताया है। इसकी शुरुआत में उसकी क्रूरता। अकबर ने चित्तौड़ किले पर कब्जा किया था, तब उसकी उम्र 25 साल थी। तब उसने 30,000 नागरिकों का नरसंहार किया और महिलाओं-बच्चों को गुलाम बना लिया। 

कुछ समय बाद उसने शांति की दिशा में कदम बढ़ाया। धार्मिक सहिष्णुता को अपनाया। अकबर ने अपने बयानों में स्वीकार किया था कि वह काफिरों के किलों पर कब्जा कर इस्लाम स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे।

समझें नई NCERT किताब में क्या- क्या रहेगा शामिल 

मुगल का इतिहास: NCERT ने मुगलों के इतिहास को अब संतुलित रूप में प्रस्तुत किया है। किताब में बाबर, अकबर और औरंगजेब के शासनकाल की कला, संस्कृति और क्रूरता दोनों ही दर्शाई गई हैं।

बाबर की क्रूरता: बाबर को एक कवि, कला प्रेमी और प्रकृति प्रेमी के रूप में दर्शाया गया है। जबकि इसमें उसकी क्रूरता को भी उजागर किया गया है। उसने युद्धों में अपने दुश्मनों की खोपड़ियों से एक “खोपड़ियों का टावर” बनवाया था, जो उसकी बर्बरता का प्रतीक था।

अकबर की क्रूरता:  अकबर की शुरुआत क्रूरता से हुई थी, जैसे चित्तौड़ किले पर कब्जा करना और 30,000 नागरिकों का नरसंहार। हालांकि, कुछ समय बाद अकबर ने शांति की दिशा में कदम बढ़ाया और धार्मिक सहिष्णुता अपनाई।

औरंगजेब की धार्मिक हिंसा: औरंगजेब के शासनकाल में कई मंदिरों और धार्मिक स्थलों को नष्ट किया गया। इनमें बनारस, मथुरा और सोमनाथ के मंदिर हैं। इसके अलावा, उसने सूफी और पारसी समुदायों का उत्पीड़न भी किया।

मुगलों के खिलाफ विद्रोह: किताब में यह भी बताया गया है कि मुगलों के खिलाफ विभिन्न समुदायों ने विद्रोह किए थे। इसमें जाट किसानों, भिल, गोंड, संथाल, और कोच जनजातियों के संघर्षों का उल्लेख किया गया है। इन विद्रोहों का उद्देश्य अपनी भूमि और स्वतंत्रता की रक्षा था।

ये खबर भी पढ़ें: 

पढ़ाई को लेकर तनाव में MP के स्टूडेंट्स, शिक्षा मंत्रालय के सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा

औरंगजेब: मंदिरों का विध्वंस और धार्मिक हिंसा

औरंगजेब के बारे में नई किताब में यह बताया गया है कि उसने अपने शासनकाल में कई मंदिरों, जैन मंदिरों, और सिख गुरुद्वारों को नष्ट किया। विशेष रूप से, उसने बनारस, मथुरा और सोमनाथ जैसे प्रमुख मंदिरों को नष्ट किया और सूफी तथा पारसी समुदायों का उत्पीड़न किया।

ये खबर भी पढ़ें: 

MP के स्कूलों में शिक्षा की लड़ाई, बिना बिजली और शिक्षक के कैसे होगी पढ़ाई

मुगलों के खिलाफ उठी आवाजें

नई किताब में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुगलों के खिलाफ विभिन्न समुदायों ने विद्रोह किए थे। इन विद्रोहों में जाट किसानों, भिल, गोंड, संथाल और कोच जनजातियों के संघर्षों का उल्लेख है। इन समुदायों ने अपनी जमीन और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। इसके अलावा, औरंगजेब की सेना के खिलाफ असम के अहोम समुदाय के प्रतिरोध को भी हाइलाइट किया गया है। 

FAQ सामान्य

नई NCERT किताब में मुगलों के शासन के बारे में क्या बदलाव किए गए हैं?

नई NCERT किताब में मुगलों के शासनकाल को न केवल उनके उज्जवल पहलुओं (जैसे कला और संस्कृति) के साथ, बल्कि उनके अंधेरे पहलुओं (जैसे क्रूरता, नरसंहार और धार्मिक हिंसा) के साथ भी प्रस्तुत किया गया है। किताब में बाबर, अकबर, और औरंगजेब के शासनकाल को विस्तार से समझाया गया है।

क्या अकबर के शासनकाल में कोई नरसंहार हुआ था?

हां, अकबर के शासनकाल में चित्तौड़ किले पर कब्जा करते वक्त उसने 30,000 नागरिकों का नरसंहार किया और महिलाओं-बच्चों को गुलाम बनाया। हालांकि, कुछ समय बाद उसने शांति और धार्मिक सहिष्णुता की दिशा में कदम बढ़ाए।

औरंगजेब ने किन मंदिरों को नष्ट किया?

औरंगजेब ने कई प्रमुख मंदिरों को नष्ट किया, जिनमें बनारस, मथुरा और सोमनाथ के मंदिर शामिल थे। इसके अलावा, उसने जैन मंदिरों और सिख गुरुद्वारों को भी नष्ट किया और सूफी तथा पारसी समुदायों का उत्पीड़न किया।

thesootr links

सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

एनसीईआरटी मुगल चैप्टर | मुगल आक्रमण | मुगलकाल | मुगल शासक औरंगजेब | मुगल साम्राज्य | मुगलों की हार | मुगल शासक | मध्य प्रदेश | छत्तीसगढ़

  • Related Posts

    Casino Sieger 2026 Log in & Rating no-deposit extra password

    Articles Caesars – VIP benefits really worth to $twenty five & get $ten to have joining Please Claim Your a hundred 100 percent free Spins No Deposit Needed 100 percent…

    Read more

    Pharaoh’s Chance Totally free Harbors Gamble Online Slot machine games

    Articles Pharaoh’s Fortune Position Has What makes Pharaoh’s Fortune position great Casinos where you can play Pharaoh’s Luck Pharaoh’s Fortune graphics and you can graphics (Rating out of 3/ Money…

    Read more

    You cannot copy content of this page