MPCA में ज्योतिरादित्य सिंधिया नहीं दिग्विजय सिंह को प्रेसिडेंट बनाना चाहते थे संजय जगदाले

महापौर के बेटे के भाषण पर बधाई देकर पूरे प्रदेश में फिर चर्चा में आए पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र महानआर्यमन सिंधिया को भी बधाई दी है। हाल ही में महानआर्यमन ने एमपीसीए प्रेसिडेंट पद निर्विरोध रूप से संभाला है। सिंह ने एमपीसीए को लेकर इसी के साथ एक और बड़ा खुलासा किया है। साथ ही परिवारवाद को लेकर भी बड़ी बात कही है। वह इंदौर में स्टेट प्रेस क्लब के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे और यहां उन्होंने चाय पर पत्रकारों के साथ चर्चा की।

दिग्विजय सिंह के पास प्रस्ताव लेकर गए थे जगदाले

सिंह ने शुक्रवार को इंदौर दौरे के दौरान एमपीसीए में महानआर्यमन के प्रेसिडेंट बनने की बात पर कहा कि उन्हें बधाई। साथ ही एक राज खोला कि माधवराव सिंधिया जी के निधन के बाद संजय जगदाले, नरेंद्र मेनन और कुछ लोग मेरे पास आए थे और एमपीसीए प्रेसिडेंट पद संभालने के लिए कहा था। यह सभी लोग मेरे साथ क्रिकेट खेले हुए हैं। लेकिन मैंने पद संभालने से इनकार कर दिया था। उस समय सिंह मप्र के सीएम पद पर थे।

उल्लेखनीय है कि माधवराव सिंधिया 1982 से 2001 तक एमपीसीए में प्रेसिडेंट रहे हैं। इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 2004 से 2019 तक पद संभाला। फिर अब दो सितंबर 2025 को महानआर्यमन के रूप में सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी ने प्रेसिडेंट पद संभाला है और ऐसा करने वाले वह एमपीसीए में सबसे युवा हैं। केवल 29 साल की उम्र में वह प्रेसिडेंट बने हैं।

 

  1. दिग्विजय सिंह की बधाई: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र महानआर्यमन सिंधिया को एमपीसीए प्रेसिडेंट पद संभालने पर बधाई दी है।

  2. महानआर्यमन का पद संभालना: महानआर्यमन सिंधिया ने 29 साल की उम्र में एमपीसीए प्रेसिडेंट का पद निर्विरोध रूप से संभाला, जिससे वह इस पद पर बैठने वाले सबसे युवा व्यक्ति बन गए हैं।

  3. दिग्विजय सिंह का खुलासा: दिग्विजय सिंह ने खुलासा किया कि माधवराव सिंधिया के निधन के बाद संजय जगदाले और नरेंद्र मेनन ने उन्हें एमपीसीए प्रेसिडेंट बनने के लिए प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया था।

  4. परिवारवाद पर बयान: परिवारवाद को लेकर पूछे गए सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि परिवारवाद हर जगह है, चाहे वह कॉर्पोरेट्स, इंडस्ट्री, पत्रकारिता, डॉक्टर या वकीलों में हो।

  5. सिंह का पारिवारिक संदर्भ: दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह भी राजनीति में सक्रिय हैं और हाल ही में उन्हें कांग्रेस पार्टी में गुना जिलाध्यक्ष बनाया गया है।

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परिवारवाद कहां नहीं है

सिंह से जब पूछा गया कि यह परिवारवाद नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि परिवारवाद कहां नहीं है। ये कॉर्पोरेट्स में हैं, इंडस्ट्री में हैं, पत्रकारों में है, डॉक्टर, वकीलों में हैं, नेताओं में हैं। उल्लेखनीय है कि सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह भी राजनीति में हैं और विधायक हैं। कमलनाथ सरकार के समय वह मंत्री भी रहे। हाल ही में उन्हें कांग्रेस में गुना जिलाध्यक्ष भी बनाया गया है। स्टेट प्रेस क्लब इंदौर

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