MP में सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, इस प्रशिक्षण से मिलेगा प्रमोशन में फायदा

मध्यप्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय मिशन कर्मयोगी की अवधारणा पर आधारित क्षमता निर्माण नीति तैयार की है। इसके तहत कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और योग्यता वृद्धि की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों की कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाना है। इससे वे अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकेंगे।

मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य और प्रशिक्षण प्रणाली

मिशन कर्मयोगी का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की क्षमता में वृद्धि करना है। इसके अंतर्गत कर्मचारियों को उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा। मध्यप्रदेश की क्षमता निर्माण नीति 2023 (Madhya Pradesh Capacity Building Policy 2023) के तहत अब पदोन्नति के लिए यह प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने के लिए तैयार करना है।

मिशन कर्मयोगी डिजिटल पोर्टल पर पंजीकरण

मिशन कर्मयोगी डिजिटल पोर्टल (Mission Karma Yogi Digital Portal) पर अब तक 43 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों का पंजीकरण हो चुका है। यह संख्या प्रदेश के कुल कर्मचारियों का करीब 70 प्रतिशत है। नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय (Urban Administration and Development Directorate) के 8816 कर्मचारियों और अधिकारियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 6843 अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रशिक्षण लिया है।

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प्रशिक्षण के लिए ई-लर्निंग मॉड्यूल

मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए चार ई-लर्निंग मॉड्यूल (e-Learning Modules) तैयार किए हैं। ये मॉड्यूल प्रमुख क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, जैसे-

  • आश्रय-स्थल प्रबंधन (Shelter Management)
  • स्व-सहायता समूह गठन और प्रबंधन (Formation and Management of Self-Help Groups)
  • राजस्व प्रबंधन (Revenue Management)
  • प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (PMAY 2.0)

इन मॉड्यूलों के जरिए अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके कार्यक्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण के लिए बजट का प्रावधान

राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि हर विभाग के वेतन बजट का एक प्रतिशत कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर खर्च किया जाए। अगर इससे अधिक राशि की आवश्यकता होती है, तो वित्त विभाग की अनुमति से इसे 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। यह नीति सुनिश्चित करेगी कि सभी सरकारी कर्मचारियों को उनकी क्षमता में वृद्धि के लिए आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षण मिल सके।

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मिशन कर्मयोगी से होने वाले लाभ

मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों की कुशलता और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि करना है। यह पहल केंद्र सरकार की नीति के अनुरूप है और इससे राज्य में सरकारी कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही में सुधार होगा।

विभागीय अधिकारी और विशेषज्ञों का योगदान

विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। प्रशिक्षण के बाद, अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता में वृद्धि होगी और वे अधिक सक्षम बनेंगे। राज्य सरकार का यह कदम कर्मचारियों की प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए एक अहम कदम साबित हो सकता है।

सरकारी कर्मचारी | प्रमोशन

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