इंदौर में 30 साल सांसद रहीं पूर्व स्पीकर सुमित्रा महाजन ने अब नदी साफ नहीं होने पर मांगी माफी

इंदौर में 30 साल (1989 से 2019) तक लगातार आठ बार सांसद रहीं, एक बार लोकसभा स्पीकर जैसे पद पर पहुंचीं सुमित्रा महाजन (ताई) ने अब सार्वजनिक माफी मांगी है। यह माफी उन्होंने कान्ह-सरस्वती नदी के साफ नहीं होने और उनकी दुर्दशा पर मांगी है।

यह बोलीं महाजन-

महाजन ने देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के आईईटी सभागृह में हुए प्रकृति संवाद कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि- आज जो नदियों का स्वरूप हो गया है, इसके लिए हमारी पीढ़ी को जिम्मेदार मानूंगी। हम माफी मांगते हैं, इसका बिगाड़ हमने किया।

सिंहस्थ आने वाला है और यह तय किया गया कि कान्ह नदी का पानी क्षिप्रा में नहीं मिल सकता है क्योंकि इतना प्रदूषित है, इसलिए इसका पानी पाइप से चेंबर में छोड़ेंगे। हमने कान्ह-सरस्वती नदी की दुर्दशा कर दी है। यह जलधारा इंदौर की पहचान थी।

यह हम सभी की जिम्मेदारी थी कि इसे बचाते। हमारे लिए यह शर्मनाक है। हम माफी मांगते हैं। अच्छा करने का प्रयास करेंगे। इस आयोजन में पद्मश्री डॉ. एपी सेलवम, डॉ. श्यामसुंदर पालीवाल, जनक पलटा, महेश शर्मा, चिंतक केएन गोविंदाचार्य, पीएस पी. नरहरि व अन्य मौजूद थे।

1200 करोड़ से ज्यादा खर्च, सत्ता में लगातार बीजेपी

महाजन खुद इंदौर में लगातार 30 साल सांसद रहीं और स्पीकर जैसे पद पर पहुंचीं। बीजेपी साल 2023 से (15 माह छोड़कर) अभी तक लगातार सत्ता में बनी हुई है। कान्ह-सरस्वती पर 1200 करोड़ से ज्यादा सफाई के नाम पर खर्च हो चुके हैं। नाला टेपिंग जैसी योजनाओं पर काम हो चुका है जिसमें जमकर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हुए हैं। एसटीपी पर करोड़ों लगे हुए हैं। नमामि गंगे में भी भारी राशि मिली है। इसके बाद भी कान्ह-सरस्वती का शुद्धिकरण अभियान नेताओं की कम इच्छाशक्ति और सिस्टम के भ्रष्टाचार में बुरी तरह फेल हो चुका है। यहां एक मंत्री ने तो नाव चलाने तक की घोषणा कर दी थी। साफ कागजों पर धरे रह गई। कई बार अतिक्रमण चिन्हित हुए लेकिन फिर नेताओं के दबाव में इसे हटाने से रोक दिया गया, कारण वोट बैंक शिफ्ट हो जाएगा।

सुमित्रा महाजन ने क्यों मांगी माफी शॉर्ट में समझें

  1. सुमित्रा महाजन ने मांगी माफी: इंदौर की पूर्व सांसद और स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कान्ह-सरस्वती नदी की सफाई न हो पाने और उनकी खराब स्थिति पर सार्वजनिक माफी मांगी है।

  2. नदियों की स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया: महाजन ने माना कि नदियों की यह दुर्दशा हमारी पीढ़ी की जिम्मेदारी है और इसका बिगाड़ हमसे हुआ है।

  3. सिंहस्थ के दौरान पानी मिलाने पर फैसला: उन्होंने बताया कि सिंहस्थ के दौरान कान्ह नदी का पानी क्षिप्रा में नहीं मिल सकता क्योंकि यह प्रदूषित है, इसे पाइप के जरिए चेंबर में छोड़ा जाएगा।

  4. नदी की पहचान की रक्षा की जिम्मेदारी: महाजन ने कहा कि कान्ह-सरस्वती नदी इंदौर की पहचान थी, और इसे बचाने की जिम्मेदारी हम सभी की थी।

  5. आम जनता के सवाल: इंदौर के पर्यावरण प्रेमियों और जनता ने सवाल उठाए कि अगर ये समस्याएं उनके नेतृत्व में नहीं हल हो पाईं, तो अब इसका क्या किया जाए।

अब सवाल इस माफी का क्या करें

अब इंदौर के पर्यावरण प्रेमी और आमजन इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि सब कुछ तो ताई आपकी पार्टी के सत्ता राज में हुआ, आपको लगातार जिताया, पार्टी को लगातार सत्ता दी, फिर केंद्र में भी दी, लेकिन हाल वहीं ढाक के तीन पात। हर सिंहस्थ के पहले यही बात होती है क्षिप्रा साफ नहीं है और कारण है कान्ह-सरस्वती नदी। आप ही बताएं-ताई आपकी इस माफी का अब क्या करें।

thesootr links

सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢

🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

ताई सुमित्रा महाजन | सुमित्रा महाजन ने जताई नाराजगी | कान्ह नदी की सफाई | इंदौर की कान्ह नदी | Mp latest news | Indore Latest News‍

  • Related Posts

    सीएसआईआर–सीबीआरआई द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) लाभार्थियों के लिए ‘आवास सक्षम’ प्रौद्योगिकी प्रदर्शन का आयोजन

    सिटी बीट न्यूज नेटवर्क बरेली रायसेन  सीएसआईआर–केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान(सीएसआईआर–सीबीआरआई),रुड़की ने मध्य प्रदेश सरकार एवं बाल रक्षा भारत के सहयोग से रायसेन जिले के जनकपुर गांव में ‘आवास सक्षम: पीएमएवाई-जी…

    Read more

    4/ Pressant Salle de jeu � 60 � sans avoir í  wager + deux � diesel í  l’époque la presence

    Cashed, il est l’eldorado du jeux ! Machines pour sous parmi ligue, blackjack, fraise, tentative, gaming facilement, l’article engendre par réellement apogees editeurs. Cote la capitale sportifs, nous abritee grace…

    Read more

    You cannot copy content of this page