सिटी बीट न्यूज नेटवर्क बरेली ( रायसेन )
बरेली,रायसेन। मध्यप्रदेश शासन के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग की स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना के क्रियान्वयन के लिए पटवारियों को निष्पादक (विक्रेता) के रूप में नियुक्त किए जाने के संबंध में पटवारी संघ द्वारा आपत्ति जताई जा रही है। योजना के अंतर्गत पटवारियों के फोटो, नाम, पिता का नाम, आधार नंबर एवं मोबाइल नंबर जैसी व्यक्तिगत जानकारियों का उपयोग किया जा रहा है। पटवारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों के भूखंड धारकों को पहले ही भू-अधिकार अभिलेख भूस्वामी के रूप में वितरित किए जा चुके हैं। संबंधित जानकारी खसरा अभिलेखों एवं ऑनलाइन रिकॉर्ड में भी उपलब्ध है। ग्रामीण इन अभिलेखों का उपयोग बैंक से ऋण लेने तथा अन्य वित्तीय एवं क्रय-विक्रय संबंधी कार्यों में कर रहे हैं। पटवारियों के अनुसार, किसी भी वैधानिक प्रावधान के तहत पटवारी को शासकीय भूमि के विक्रय का अधिकार प्राप्त नहीं है। ऐसे में पटवारियों को निष्पादक (विक्रेता) के रूप में नामित किए जाने की प्रक्रिया को लेकर कानूनी अधिकारिता एवं दायित्वों के संबंध में स्थिति स्पष्ट किया जाना आवश्यक है। मध्य प्रदेश पटवारी संघ भोपाल इकाई बरेली पटवारी संघ का कहना है कि मध्यप्रदेश के पटवारी स्वामित्व योजना से संबंधित कार्यों का निष्पादन लगातार कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रदेश के विभिन्न जिलों में परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त करने तथा निलंबन जैसी कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। इससे पटवारियों में असंतोष व्याप्त है। इसी क्रम में आज दिनांक 09 अक्टूबर 2026 को रायसेन जिले के समस्त पटवारी बस्ता रखकर कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं। पटवारियों का कहना है कि योजना के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका, अधिकारों एवं उत्तरदायित्वों को लेकर शासन स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बरेली द्वारा 18 पटवारियों की सेवा समाप्ति, 28 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा 5 पटवारियों को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। इन कार्रवाइयों को लेकर पटवारियों में नाराजगी है। पटवारी संघ की प्रमुख मांग है कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना में पटवारियों की भूमिका और वैधानिक अधिकारिता को स्पष्ट किया जाए तथा संबंधित विषय पर शासन द्वारा उचित निर्णय लेकर पटवारियों के हितों का ध्यान रखा जाए।











