रेजुवेनेशन कैंप में पन्ना टाइगर रिजर्व के हाथियों की मौज

BHOPAL. अब तक आपने इंसानों के स्पा के बारे में तो सुना होगा, लेकिन ये खबर हाथियों के स्पॉ यानी तेल मालिश से जुड़ी है। हो सकता हाथियों की पिकनिक और स्पा के बारे में पढ़कर आप हैरत में पड़ जाएं, लेकिन मध्यप्रदेश में ऐसा हो रहा है।

इन दिनों मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में तैनात हाथियों की छुट्टियां चल रही हैं और वे स्पा का आनंद उठा रहे हैं। जी हां टाइगर रिजर्व में हाथी तेल मालिश के लिए छुट्टी पर हैं।

पन्ना टाइगर रिजर्व के सभी 19 हाथियों को रेजुवेनेशन कैंप में रखा गया है। यहां तेल मालिश के साथ ही हाथियों की आवभगत के सभी प्रबंधन किए गए हैं। उन्हें केले, सेबफल,गन्ना और दूसरा पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। इस कैंप में हाथी पांच दिन पूरी तरह आराम करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे लोग समर या विंटर वेकेशन पर छुट्टी मनाते हैं।

टाइगर रिजर्व एरिया में तैनात हाथी ड्यूटी पर तैनात वनकर्मियों के विशेष सहयोगी होते हैं। इनका उपयोग रिजर्व के चप्पे-चप्पे में निगरानी, सर्चिंग और वन्यजीवों पर नियंत्रण रखने में किया जाता है। साल भर हाथी लगातार काम करते हैं। इससे उन्हें भी तनाव और थकान का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए वन विभाग द्वारा हाथियों के लिए रेजुवेनेशन कैंप का आयोजन साल में एक बार किया जाता है। 

ऐसे होते हुए रेजुवेनेशन कैंप

रेजुवेनेशन का मतलब कायाकल्प होता है। इन कैंपों में हाथियों की थकान मिटाकर तरोताजा करने तेल मालिश और मसाज कराई जाती है। हाथी साल भर जंगल में रहते हैं। यहां वृक्षों की शाखा, वन्यजीवों के हमले उनके शरीर को जख्मी कर देते हैं। वे मौसम की प्रतिकूलता भी झेलते हैं।

कैंप में पांच दिन मिलने वाले मसाज और तेल मालिश से वह फिर ऊर्जावान हो जाता है। हाथियों के पैरों पर नीम के तेल की मालिश कराई जाती है जबकि सिर और ऊपरी हिस्से पर अरंडी के तेल से मालिश और मसाज होता है। इसके अलावा उसके सिर पर चंदन का लेप भी कराया जाता है। 

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आराम, दावत और मालिश  

पन्ना टाइगर रिजर्व में हाथियों को मिली छुट्टी, तेल मालिश कराकर होंगे तरोताजा

पन्ना टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर सीसीएफ नरेश यादव के अनुसार पांच दिन के कैंप में 19 हाथियों को रखा गया है। अब ये हाथी पांच दिन न कोई काम करेंगे और न ही उन्हें ड्यूटी पर कहीं तैनात किया जाएगा।

हाथी कैंप में ही रहेंगे और उनकी विशेष देखभाल होगी। यहां उन्हें तरोताजा करने आराम, दावत और मालिश दिया जाएगा। उन्हें पंसदीदा फल केला, गन्ना, सेब, तरबूज के अलावा लड्डू और पौष्टिक आहार भी उपलब्ध होगा। 

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पुष्पवर्षा और तिलक से एंट्री

रेजुवेनेशन कैंप में प्रवेश के दौरान हाथियों पर वनकर्मियों द्वारा पुष्प वर्षा की गई और उनका स्वागत तिलक लगाकर किया गया। इस कैंप में आराम और दावत उड़ाने के साथ ही हाथी और महावतों के जोड़ों के बीच प्रतियोगिताएं भी होंगी।  कैंप में हाथियों के स्वास्थ्य से संबंधित सभी परीक्षण भी कराए जाएंगे। कैंप पूरा होने के बाद हाथी नई ऊर्जा के साथ रिजर्व की निगरानी में वापस तैनात होंगे। 

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