राम नाम का जप करने से मानसिक पीड़ा और कष्ट दूर होते हैं — देवी रत्नमणि द्विवेदी

सिटी बीट न्यूज नेटवर्क बरेली

बरेली। कलयुग में राम नाम की महिमा अपार और मुक्ति का एकमात्र साधन मानी गई है।बरेली के समीप ग्राम खैरी मुग़ली में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं राम कथा के प्रथम दिवस राम कथा का वर्णन करते हुए देवी रत्नमणि द्विवेदी ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार, जो फल अन्य युगों में ध्यान या यज्ञ से मिलता था, वह कलयुग में केवल राम नाम के कीर्तन या स्मरण से मिल जाता है। यह मानसिक शांति,पापों के नाश और मोक्ष प्राप्ति का सबसे सरल मार्ग है। रामचरितमानस के अनुसार, “कलिजुग सम जुग आन नहिं” अर्थात् कलयुग में नाम जपने से ही भवसागर से पार उतरा जा सकता है। कलयुग में राम नाम की महिमा के प्रमुख बिंदु:मोक्ष का सरल उपाय: अन्य कठिन साधनाओं (जप,तप) के विपरीत, कलयुग में राम नाम का स्मरण (स्मरण-स्मरण नर उतरहि पारा) ही मोक्ष का आधार है।पाप नाशक: राम नाम के कीर्तन से अनेक जन्मों के पाप कट जाते हैं और पुण्य का संचय होता है। कल्पतरु के समान: राम नाम कल्पतरु की तरह है, जो सच्चे मन से जपने पर मनोकामनाएं पूरी करता है और शांति देता है। मानसिक शांति और ऊर्जा: राम नाम का जप करने से मानसिक पीड़ा और कष्ट दूर होते हैं, जिससे अद्भुत तेज और सकारात्मक ऊर्जा आती है।अचूक औषधि: यह संसारिक दुखों (भव रोग) से छुटकारा पाने का एक अचूक उपाय है। समय-स्थान का बंधन नहीं: शिव जी के अनुसार, राम नाम जपने के लिए किसी विशेष विधि, मुहूर्त या स्थान की आवश्यकता नहीं है…. कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ।

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