छह वर्षों से लगातार मिट्टी से गणेश प्रतिमा बना रही हैं दीपाली, इस वर्ष गणेश जी के साथ बाल हनुमान की प्रतिमा भी बनाई
अंकित तिवारी सिटी बीट न्यूज नेटवर्क
बरेली। नगर के बावड़ी मोहल्ले में रहने वाली कॉलेज छात्रा दीपाली मांझी पिछले छह वर्षों से लगातार मिट्टी से भगवान गणेश की सुंदर प्रतिमाएं बनाकर उन्हें अपने घर पर स्थापित कर रही हैं। स्कूल के समय से शुरू हुआ उनका यह प्रयास अब उनकी रुचि के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला अभियान बन गया है। इस वर्ष भी उन्होंने करीब तीन फीट ऊंची भगवान गणेश की प्रतिमा के साथ बाल हनुमान की प्रतिमा तैयार कर घर में स्थापित की।
दीपाली स्वयं प्रतिमा बनाने से लेकर उसकी साज-सज्जा तक का पूरा कार्य करती हैं। वह सबसे पहले मिट्टी को तैयार कर उसे अच्छी तरह गूंथती हैं। इसके बाद मिट्टी से प्रतिमा का आकार देने, उसे सुखाने, रंग करने, वस्त्र तैयार करने, आभूषण बनाने और अंतिम रूप से श्रृंगार करने का कार्य भी स्वयं करती हैं। इस पूरी प्रक्रिया के वीडियो भी वह बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करती हैं। उनके द्वारा बनाए गए वीडियो लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। प्रतिमा की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग भी उनके घर पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन कर रहे हैं।
परिवार का भी मिल रहा सहयोग
दीपाली की इस रुचि और प्रयास में उनकी बड़ी बहन तथा पिता मोहन मांझी सहित परिवार के अन्य सदस्यों का भी सहयोग मिलता है। परिवार के सदस्य उनकी हौसला-अफजाई करते हुए प्रतिमा निर्माण के कार्य में आवश्यक सहयोग प्रदान करते हैं। दीपाली का कहना है कि परिवार के प्रोत्साहन से उन्हें हर वर्ष कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है।
स्कूल से मिली पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा
दीपाली ने बताया कि उन्हें मिट्टी की प्रतिमा बनाने की प्रेरणा स्कूल के समय मिली थी। उन्होंने प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी प्रतिमाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की थी। ऐसी प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद इनके पूरी तरह नहीं गलने से जलस्रोतों में प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होने की जानकारी उन्हें मिली। इससे उन्हें पर्यावरण और नदियों में रहने वाले जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए मिट्टी की प्रतिमा बनाने का विचार आया।
इसके बाद उन्होंने संकल्प लिया कि वे गणेश जी की प्रतिमा शुद्ध मिट्टी से ही बनाएंगी, ताकि विसर्जन के बाद प्राकृतिक रूप से मिट्टी में मिल सके और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। इसी संकल्प के साथ वह पिछले छह वर्षों से लगातार मिट्टी की प्रतिमाएं तैयार कर रही हैं।
हवन-पूजन के बाद दी गणपति को विदाई
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर दीपाली के परिवार ने विधि-विधान से भगवान गणेश का पूजन और हवन किया। परिवार के सभी सदस्यों ने हवन में आहुति देकर गणपति जी से सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद भावुक माहौल में परिवार ने भगवान गणेश को विदाई दी। दीपाली के इस प्रयास की नगरवासियों द्वारा सराहना की जा रही है। उनका कहना है कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी समाज के लिए जरूरी है।











